बढ़ते कोरोना के बीच बड़ी राहत, जांच के लिए 5 हजार रुपए देगी सरकार


भोपाल. मध्यप्रदेश में कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. प्रदेश में ओमिक्रान के मामले भी सामने आ चुके हैं. कोरोना और ओमिक्रान के मामलों के सामने आने की बुरी खबर के बीच एक राहत भरी खबर भी आई है. लगातार बढ़ रहे मामलों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना (एमएमसीयू) फिर शुरू कर दी। हालांकि इस बाद योजना में थोड़ा बदलाव किया गया है पर इसके अंतर्गत जांचों के लिए मरीजों को 5 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान है।

अब निजी में नहीं होगा कोरोना का नि:शुल्क उपचार, इम्पैनल अस्पतालों में ही मिलेगा आयुष्मान का लाभ— इस बार आयुष्मान कार्डधारी कोरोना संक्रमित मरीजों को निजी मेडिकल कॉलेज या अस्तपालों में नि:शुल्क उपचार नहीं मिलेगा। आयुष्मान भारत निरामयम मप्र में इम्पैनल अस्पतालों में ही इस योजना के तहत उपचार मिलेगा। कोरोना के लिए अनुबंधित निजी अस्पतालों को इस बार योजना में शामिल नहीं किया गया है।

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अब सरकारी अस्पतालों में ही कोरोना के पर्याप्त बिस्तर – स्वास्थ्य अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि अब सरकारी अस्पतालों में ही कोरोना के पर्याप्त बिस्तर हैं ऐसे में सभी निजी अस्पतालों को योजना में शामिल नहीं किया गया है। गौरतलब है कि आयुष्मान योजना में मरीज को कई जांचों की सुविधा दी गई. पात्र परिवार के एक संक्रमित सदस्य को सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य मंहगी जांचों की सुविधा मिलती है।

कोरोना के लिए अनुबंधित निजी अस्पतालों में भले ही निशुल्क इलाज की सुविधा छीन ली गई हो लेकिन मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में मरीजों की जांच के लिए सहायता राशि देने का प्रावधान रखा गया है. इसके अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारी परिवार के कोरोना संक्रमित सदस्यों की जांचों के लिए 5-5 हजार तक की सहायता प्रति मरीज मिलेगी।

मालूम हो कि प्रदेश में करीब 850 सरकारी व निजी अस्पताल इम्पैनल हैं। इनके अलावा दूसरी लहर में 311 निजी अस्पतालों को भी अस्थाई संबद्धता दी गई थी।

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