तीसरी लहर से मुकाबला : शिवराज बोले- पात्र बच्चों को जल्द लगा दो वैक्सीन, तत्काल हर जिले में खोलो कोविड केयर सेंटर


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कोरोना की तीसरी लहर से निपटने और टीनएजर्स वैक्सीनेशन को लेकर जिलों की क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटियों से संवाद किया। इस वचुर्अल संवाद में मंत्रीगण, कलेक्टर और अन्य अफसर जुड़े। शिवराज ने कहा कि हमें तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखना है। सरकारी अस्पताल व चिकित्सालयों में 31 हजार बिस्तर के इंतजाम हैं। इन्हें चेक कर लें। साथ ही निजी सेक्टर के 25 हजार बिस्तर के इंतजाम के लिए अनुबंध कर लिए जाए, ताकि जनता को मुफ्त कोविड इलाज दिया जा सके। इसके अलावा पंद्रह जनवरी तक 15 से 18 साल के सभी बच्चों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है, लेकिन पंद्रह दिन रूकने की क्या जरूरत है। हमने एक दिन में 28-29 लाख वैक्सीन लगाए हैं। इसलिए जल्द से जल्द सभी पात्र बच्चों को वैक्सीन लगा दें, ताकि तीसरी लहर से वे सुरक्षित हो सकें। शिवराज ने यह भी कहा कि तत्काल सभी जिलों में कम से कम एक कोविड केयर सेंटर खोल दें, ताकि जिनके घरों में होम आइजोलेशन के लिए जगह नहीं है, उन्हें कोविड केयर सेंटर पर रखा जा सके। इस वचुर्अल संवाद में एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान ने तैयारियों को लेकर प्रेजेंटेशन भी दिया।
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आज टीनएजर्स वैक्सीनेश की शुरूआत-
सीएम ने कहा कि 3 जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन की शुरूआत की जा रही है। इसमें सभी मंत्री व जनप्रतिनिधि भी सेंटर पर पहुंचे। मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि हमने पहले दिन के लिए 15 लाख वैक्सीनेशन का टारगेट रखा है। इसके लिए 18 लाख वैक्सीन डोज सेंटर्स पर भेजे हैं। जहां बच्चों का वैक्सीनेशन होगा, वहां बड़ों का वैक्सीनेशन नहीं होगा। क्योंकि, बच्चों को केवल कोवैक्सीन लगना है। किसी भी सूरत में बच्चों को कोवीशील्ड या दूसरी वैक्सीन न लगाई जाए। इसीलिए बच्चों के लिए सिर्फ स्कूलों को सेंटर बनाया गया है। बच्चों के लिए आनलाइन या सेंटर पर सीधे पहुंचकर ऑफलाइन रजिस्टे्रशन किया जा सकता है।
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ये भी बोले शिवराज-
– राज्य से लेकर पंचायत-गांव-वार्ड स्तर तक की क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी सक्रिय हो जाए
– होम आइसोलेशन को प्राथमिकता से करें। गांव में इस पर निगरानी की व्यवस्था की जाए
– मोबाइल मेडिकल यूनिट और रैपिड रिस्पांस टीम को तत्काल सक्रिय किया जाए
– निजी और सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सहित अन्य इंतजामों को तत्काल फिर चेक करें
– आवागमन वाले स्थान जैसे बस स्टेण्ड व रेलवे स्टेशन आदि पर टेस्ट की व्यवस्था की जाए
– अभी 61 हजार टेस्ट हो रहे हैं, इन्हें बढ़ाकर 75 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाए
– कांटेक्ट ट्रेसिंग, सतर्कता, प्रचार-प्रसार, प्रोटोकॉल पालन व मार्गदशन पर ध्यान दिया जाए
– अभी 600 एक्टिव केस, हर दिन 150 केस आ रहे, ये बढ़ेगे इसलिए सतर्कता बरते
– अभी अन्य बंदिशें नहीं लगा रहे, पर लापवाही न हो, किसी कीमत पर पहले जैसी स्थिति न बने
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