100 रुपए पता चल जाएगा कैसा पानी पी रहे हैं आप


भोपाल. अब आप अपने यहां आने वाले पानी या अन्य चीज की जांच न्यूनतम शुल्क देकर करा सकते हैं। जैसे आप पानी की हार्डनेस की जांच केवल 120 रुपए, पीएच (पोटेंशियल ऑफ हाईड्रोजन) की 100 रुपए और फीकल कोलीफॉर्म की जांच 450 रुपए में करा सकते हैं। इसके लिए एनवार्नमेंटल प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन ऑर्गेनाइजेशन (एप्को) में सालों बंद पड़ी लैब शुरू हो गई है। इसके साथ ही शहर के बड़े तालाब और छोटे तालाब के पानी की मॉनीटरिंग भी फिर से शुरू हो गई है। प्रदेश के अन्य वेटलैंड की भी मॉनीटरिंग जल्द शुरू होगी।

फिर चालू हुई लैब
एप्को की एनवायर्नमेंटल रिसर्च लैब संसाधनों के अभाव में वर्ष 2016 में बंद हो गई थी। इसके साथ ही तालाबों के पानी की मॉनीटरिंग भी बंद हो गई थी। हाल ही में जब पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अनिरूद्ध मुखर्जी को जब इसका पता चला तो उन्होंने फंड देकर इस लैब को चालू कराया है। यह लैब एनएबीएल से सर्टिफाइड नहीं है, लेकिन शासकीय सर्टिफाइड लैब है। पीएस के अनुसार लैब शुरू होने से आम लोग भी यहां जांच करा सकेंगे। यहां जांच की दरें भी बहुत कम रखी गई हैं।

तालाबों के पानी के नमूने लिए
लैब शुरू होते ही राजधानी के बड़े और छोटे तालाबों के पानी की मॉनीटरिंग भी शुरू हो गई है। यहां के सेंपल मंगा लिए गए हैं। इससे पानी की गुणवत्ता का पता चलेगा। हालांकि अभी इनकी जांच के बाद परिणाम आने में करीब 15 दिन का समय लगेगा। इसका एक फायदा यह भी होगा कि दूसरी जो एजेंसियां अभी इन तालाबों के पानी की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं उनकी रिपोर्ट और एप्को की रिपोर्ट की तुलना भी की जा सकेगी। इससे जांच में की जाने वाली गड़बडि़यों पर भी लगाम लगेगी।

जलीय ईकोसिस्टम की जांच
फाइटोप्लैंक्टॉन, जूप्लैंक्टोन, प्रोटोजोआ आदि प्रति पैरामीटर- 680 रुपए

माइक्रोबायोलोजिकल एनालिसिस
टोटल कोलीफॉर्म, फीकल कोलीफॉर्म प्रति पैरामीटर-
450 रुपए

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प्रदेश के अन्य वेटलैंड की भी शुरू होगी मॉनीटरिंग
एप्को प्रदेश के अन्य वेटलैंड की भी मॉनीटरिंग करता है। 25 वेटलैंड या तालाबों के सैंपल भी जल्द लिए जाएंगे और उनके पानी की गुणवत्ता और अन्य चीजों की जांच कर रिपोर्ट संबंधित जिलों को भेजी जाएगी जिससे वहां पर यदि कोई गड़बड़ी पाई जाए तो उसे जल्दी दूर किया जा सके।



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