महाकाल मंदिर: गर्भगृह और नंदी हॉल में 10 जनवरी तक नहीं मिलेगा प्रवेश


उज्जैन. महाकाल मंदिर में अंग्रेजी नववर्ष 2022 के उपलक्ष्य पर आगंतुक श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए 30 दिसंबर 21 से 3 जनवरी 22 तक कुल 05 दिनों के लिए गर्भगृह और नंदी हॉल में प्रवेश प्रतिबंधित किया था, लेकिन अब इस अवधि को फिलहाल 10 जनवरी तक के लिए और बढ़ाया जा रहा है। प्रशासक धाकड़ ने बताया कि कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 4 से 10 जनवरी तक अगले कुल 07 दिनों तक मंदिर के पुजारी, पुरोहित, कर्मचारियों को छोड़कर आम और खास सभी श्रद्धालुओं का प्रवेश गर्भगृह में प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालु नंदी मंडपम के पीछे गणेश मंडपम के बैरिकेड्स से दर्शन कर सकेंगे।

जबलपुर के दो श्रद्धालुओं से झटक लिए 500 रुपए
महाकाल मंदिर में 100 और 250 रुपए के दर्शन टिकट पर श्रद्धालुओं से मनमाने रुपए लिए जाने का मामला सोमवार को फिर से हो गया। इससे पहले भी दो अलग-अलग घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से रुपए लिए गए थे, जिसकी जांच चल रही है, वहीं मामला महाकाल थाने तक भी पहुंचा था। अब सोमवार को फिर पुरोहित प्रतिनिधि तिलक व्यास ने श्रद्धालुओं से 100 रुपए की प्रोटोकॉल रसीद पर दो श्रद्धालुओं से 500 रुपए ले लिए, इस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। महाकाल मंदिर में उमडऩे वाली भीड़ का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं से जबरिया रुपए वसूले हैं। इस तरह की दो अन्य घटनाएं पूर्व में हो चुकी हैं। सोमवार को एक बार फिर वही घटना हो गई। दरअसल, सोमवार को प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ मंदिर के राउंड पर निकले थे, तभी सभा मंडप के समीप बने काले गेट के पास उन्हें पुरोहित प्रतिनिधि तिलक व्यास दिखे, जो अपने साथ जबलपुर से आए दो श्रद्धालु सुरेंद्र राजोरिया और रजनी राजोरिया को दर्शन कराने ले जा रहे थे। प्रशासक ने जब उन्हें रोका और पूछताछ की तो उन्होंने रसीद दिखाई जो कि 100 रुपए की थी, उनसे पूछा कि आपने कितने रुपए दिए तो उन्होंने कहा कि 500 रुपए दिए हैं। प्रशासक ने पूरे मामले की तफ्तीश की और पूछताछ शुरू की। शाम तक पुरोहित प्रतिनिधि तिलक को निलंबित कर दिया गया।

प्रोटोकॉल ऑफिस की बदली व्यवस्था
महाकाल मंदिर के समीप बड़े गणेश मंदिर के पीछे बने प्रोटोकॉल ऑफिस की व्यवस्था में सोमवार से बदलाव किया गया है। प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि यहां जिला प्रोटोकॉल द्वारा जारी टोकन नंबर के अतिरिक्त फार्म भरकर 100 रुपए शुल्क जमाकर कोई भी दर्शन करने जा सकता है। व्यक्ति ऑफिस आए, दफ्तर में उनके लिए चाय और सोफे की व्यवस्था की गई है। साथ ही पहचान पत्र, जिसके माध्यम से आए हैं, उनके नाम का फार्म भरना होगा। उन्होंने कहा इससे सेटिंगबाजी में कमी आएगी।

250 की रसीद की जगह सभी के लिए 100 रुपए शुल्क
मंदिर प्रशासन बहुत जल्द 250 रुपए की शीघ्र दर्शन टिकट के बदले सभी के लिए एक जैसी 100 रुपए शुल्क रखने की योजना बना रहा है। आने वाले समय में सभी को एक जैसी रसीद टिकट दी जाएगी, इसके लिए जगह-जगह काउंटर और बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि आने वाले श्रद्धालु किसी भी प्रकार के झांसे और धोखे का शिकार होने से बच जाएं।

मंदिर में फायबर की पारदर्शी भेंट पेटी दान में प्राप्त
महाकाल मंदिर में दर्शन मेटल प्रोफाइल प्राइवेट लिमिटेड इंदौर के अनिल डोसी द्वारा पारदर्शी फायबर की भेंट पेटी दान की गई। जिसे मंदिर परिसर स्थित नि:शुल्क तिलक-प्रसाद व रक्षासूत्र काउन्टर पर रखा गया है। इस दौरान मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल, सहायक प्रशासनिक अधिकारी अनिल श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। प्रांगण में और भी पारदर्शी भेंट पेटियां लगाई जाना हैं। दानदाता द्वारा पूर्व में हुई चर्चानुसार भेंट पेटी दान में प्राप्त हुई है।



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