अब कोरोना जांच के नाम पर अधिक पैसे नहीं वसूल पाएंगे लैब, जाने किस जांच का कितना रेट


शासन द्वारा निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस के संक्रमण की आरटी पीसीआर जांच हेतु ली जाने वाली फीस निर्धारित कर दी गई है। अब निजी चिकित्सालय द्वारा निजी प्रयोगशालाओं को प्रेषित सैंपल की जांच की दर अथवा किसी व्यक्ति द्वारा प्रयोगशाला पर जाकर कोरोना की जांच कराने पर जीएसटी सहित 700 रूपए प्रति सैम्पल देना होगा। इसी प्रकार निजी प्रयोगशालाओं द्वारा स्वयं एकत्र किए गए सैम्पल की दर जीएसटी सहित 900 रूपए प्रति सैम्पल होगी। इसके अलावा यदि राज्य सरकार के प्राधिकारी द्वारा निजी प्रयोगशालाओं को सैम्पल प्रेषित किए जाते हैं तो जीएसटी सहित 500 रूपए प्रति सैम्पल देय होगा।
शासन द्वारा निजी प्रयोगशालाओं के एंटीजन व ट्रूनाॅट के परीक्षण की भी दरें निर्धारित की गई हैं। जिसके अनुसार एंटीजन टेस्ट की दर ढाई सौ रुपए प्रति सैम्पल तथा ट्रूनाॅट की दर प्रति सैम्पल 1250 रुपए तथा घर से सैंपल कलेक्शन करने पर 200 रुपए अतिरिक्त देय होगा।
शासन द्वारा आम जन मानस को बेहतर एंव सर्व सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निजी चिकित्सालयों एवं निजी चिकित्सकों द्वारा रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों को संदर्भित एच0आर0 सीटी की जांच करने की दर पीपीई किट एवं सैनिटाइजेशन व अन्य व्यय सहित निर्धारित की गई है। जिसमें 16 स्लाइस तक दो हजार रुपए, 16 से 64 स्लाइस तक 2250 रूपए तथा 64 स्लाइस से अधिक होने पर 2500 रूपए देय होगा। उसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश जारी किए गए हैं। शासन द्वारा निर्धारित दरों एवं ओदशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसकी जानकारी देते हुए जिलाधिकारी मार्कंडेय साही ने बताया कि शासन द्वारा कोरोना से संबंधित सभी जांच की दरें निर्धारित कर दी गई हैं। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध एपीडेमिक डिजीज एक्ट 1897 तथा उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम 2020 की संगत धाराओं के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि किसी जांच केंद्र द्वारा अधिक पैसे लेने की शिकायत पाई जाती है। उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।



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