कोरोना का एक और घातक वैरिएंट IHU आया सामने, Omicron से ज्यादा संक्रामक


नई दिल्ली। भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। खास तौर पर कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से दुनियाभर में दहशत फैला रखी है। अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देश इन दिनों ओमिक्रॉन के कहर से परेशान हैं। इस बीच एक और वैरिएंट के सामने आने से हड़कंप मच गया है। कोरोना का ये नया वैरिएंट है आईएचयू। फ्रांस के वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन ( Omicron ) के बाद कोरोना के एक और वैरिएंट ( Variant IHU ) का पता लगाया है। मिली जानकारी के मुताबिक Variant IHU पूरे 46 बार रूप बदल चुका है। यही नहीं कोरोना के इस वैरिएंट को ओमिक्रॉन से ज्यादा संक्रामक भी बताया जा रहा है।

सामने आए 12 मामले

कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच वैज्ञानिकों ने एक और वैरिएंट का पता लगाया है। आईएचयू नाम के इस वैरिएंट की बात करें तो यह मूल कोविड वायरस के मुकाबले ज्यादा टीका प्रतिरोधी और संक्रामक हो सकता है। IHU वैरिएंट की खोज फ्रांस में हुई है। फ्रांस के मारसैल में नए वैरिएंट के 12 मामले सामने आए हैं।

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अफ्रीकी देश से लौटे लोगों में दिखे लक्षण

कोरोना के नए वैरिएंट के मामले भी उन लोगों में देखने को मिले हैं जो अफ्रीकी देश कैमरून से लौटे थे। ओमिक्रॉन की दहशत के बीच फ्रांस में वैज्ञानिकों को मिले इस नए वैरिएंट से हड़कंप मच गया है। वैज्ञानिकों की खोज में सामने आए B.1.640.2 यानी IHU वैरिएंट के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह टीका लगवा चुके और एक बार संक्रमित हुए लोगों को भी शिकार बना सकता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक इस वैरिएंट के 46 म्यूटेशन हो सकते हैं, जो ओमिक्रॉन के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) की जांच में कहा गया है कि फ्रांस के अलावा किसी और देश में यह वैरिएंट अब तक नहीं मिला है। हालांकि इस बीच महामारी विज्ञानी एरिक फेगल डिंग ने ट्विटर पर कहा कि कोरोना के नए वैरिएंट्स सामने जरूर आ रहे हैं, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि ये पुराने वैरिएंट्स के मुकाबले ज्यादा खतरनाक हैं।

बता दें कि फ्रांस में कोरोना के कुल केसों में से 60 फीसदी ओमिक्रॉन के हैं। इस वैरिएंट को Méditerranée Infection Foundation ने 10 दिसंबर को खोजा था। इस बीच राहत की बात यह है कि ये वैरिएंट फिलहाल तेजी से नहीं फैल रहा है। हालांकि अभी यह भी देखना बाकी है कि क्या अन्य देशों में भी वैरिएंट IHU पहुंचा है या नहीं।

दरअसल अन्य देशों में इस वैरिएंट की पुष्टि होने के बाद वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) इस वैरिएंट को अंडर इंवेस्टिगेशन का लेबल देकर इसकी आगे की जांच करेगा।



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