Bulli Bai App controversy: एप पर मुस्लिम महिलाओं का अपमान मामले में अब तक 3 गिरफ्तार, 2 छात्र और 1 टीन एज लड़की शामिल


बुली बाई ऐप मामले (Bulli Bai App case) में मुंबई क्राइम ब्रांच के साइबर पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने बुधवार को उत्तराखंड से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी की पहचान 21 वर्षीय मयंक रावल के रूप में हुई है। मयंक रावल, 18 वर्षीय श्वेता सिंह और 21 वर्षीय विशाल कुमार झा के संपर्क में था। ये तीनों ही मुस्लिम महिलाओं की फोटो को एडिट कर उसे बुली बाई ऐप पर अपलोड कर नीलाम करते थे।

उत्तराखंड से गिरफ्तार की गई श्वेता सिंह

साइबर पुलिस ने बताया कि श्वेता सिंह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की रहने वाली है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखती है। उसे मुंबई पुलिस की टीम ने उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से गिरफ्तार किया था वहीं, विशाल कुमार झा को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया गया।

डीजीपी अशोक कुमार ने बताया, ‘हम इस मामले में श्वेता सिंह की भूमिका को लेकर ज्यादा कुछ अभी नहीं कह सकते थे। इसने फर्जी आईडी बनाकर इस अपराध को अंजाम दिया है।’

उत्तराखंड पुलिस और मुंबई पुलिस ने मिलकर सुलझाया मामला

डीजीपी अशोक कुमार ने आगे बताया, “उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए हमारी एक महिला कांस्टेबल को भेजकर केवल मुंबई पुलिस की टीम को सहायता प्रदान की। मुंबई की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए मदद मांगी, जो हमने मुहैया कराई। इसके बाद टीम ने उसे ट्रांजिट रिमांड के लिए स्थानीय अदालत में पेश किया, ताकि उसे पूछताछ के लिए मुंबई ले जाया जा सके।”

सोशल मीडिया पर दोनों आरोपी बने थे मित्र

मुंबई पुलिस ने बताया कि श्वेता सिंह की पहचान विशाल द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर की गई है।

पुलिस के अनुसार, ‘विशाल और श्वेता की सोशल मीडिया पर दोस्ती हुई थी। इन दोनों ने मिलकर ऐप बनाया। सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने के लिए इन दोनों ने चार ट्विटर अकाउंट बनाए रहे, जिनमें से तीन अकाउंट श्वेत संभाल रही थी, जबकि चौथा अकाउंट विशाल चला रहा था।’



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