खाना खाते ही आने लगती है खट्टी डकार? पेट में भी रहता है भारीपन, नियमित करें ये 6 योगासन, तुरंत मिलेगा आराम – News18

हाइलाइट्स

खट्टी डकार की समस्या तब होती है, जब पेट अतिरिक्त एसिड का उत्पादन करने लगता है.
इस समस्या में सीने में जलन, अपच, गैस और पेट में भारीपन जैसे लक्षण दिखते हैं.

Yoga For Hyperacidity: अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान कई गंभीर बीमारियों की वजह है. इसमें हाइपरएसिडिटी भी एक है. ये समस्या तब होती है, जब पेट अतिरिक्त एसिड का उत्पादन करने लगता है. आयुर्वेद में इसे अम्लपित्त के नाम से भी जाना जाता है. हाइपरएसिडिटी की समस्या होने पर सीने में जलन, अपच, गैस, खट्टी डकार और पेट में भारीपन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं. दरअसल, कई लोगों में शिकायत होती है कि हल्का खाते ही खट्टी डकारें आनी शुरू हो जाती हैं. इससे निजात पाने के लिए लोग बाजार से महंगी दवाइयां लेनी शुरू कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खट्टी डकार की समस्या को दूर करने में योग मददगार हो सकते हैं? आइए जानते हैं हाइपरएसिडिटी से राहत पाने के योगासन के बारे में-

हाइपरएसिडिटी से निजात दिलाएंगे ये 6 योगासन

वज्रासन: हेल्थलाइन के मुताबिक, व्रजासन का अभ्यास पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए बेहद असरदार होता है. इस योगासन को करने से पेट और आंत में ब्लड सर्कुलेशन दुरुस्त बना रहता है. ऐसी स्थिति में भोजन आसानी से पच जाता है. इस अभ्यास को नियमित करने से हाइपरएसिडिटी, गैस और कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है.

बालासन: हाइपरएसिडिटी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बालासन बेहतर ऑप्शन है. बता दें कि, बालासन को चाइल्ड पोज के नाम से भी जाना जाता है. यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. इससे पेट के भीतरी अंगों को स्ट्रेच करने में भी मदद मिलती है. बालासन से थकान और तनाव दूर होने के साथ हाइपरएसिडिटी से भी राहत मिलती है.

पश्चिमोत्तानासन: पेट से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने के लिए आप पश्चिमोत्तानासन की मदद ले सकते हैं. इस योग को करने से पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है और एब्डोमेन एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ावा देता है. इसके अलावा, पश्चिमोत्तानासन अभ्यास से गैस और एसिडिटी के लक्षणों को दूर करने में मदद मिल सकती है.

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अर्ध मत्स्येन्द्रासन: हाइपरएसिडिटी से राहत पाने के लिए आपको अर्ध मत्स्येन्द्रासन जरूर करना चाहिए. यह एक ऐसा उत्कृष्ट योगासन है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. साथ ही शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालता है. नियमित इस अभ्यास से पाचन क्रिया में सुधार होगा और पेट से जुड़े विकारों की छुट्टी हो सकती है.

पवनमुक्तासन: बॉवेल मूवमेंट को बेहतर बनाने में पवनमुक्तासन आपकी मदद कर सकता है. यह योगासन एब्डोमेन एरिया को स्ट्रेच कर सकता है. इससे पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है. यह आसन भोजन को ठीक से पचाने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसको रोज करने से हाइपरएसिडिटी, गैस, कब्ज और अपच से राहत मिलती है.

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हलासन: हाइपरएसिडिटी की समस्या में हलासन का अभ्यास काफी लाभकारी माना जाता है. इस आसन को करते समय शरीर हल की तरह दिखता है, इसलिए इसे हलासन कहते हैं. यह योगासन पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है और डायजेशन को बेहतर बनाता है. नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से कब्ज, अपच और एसिडिटी की समस्या दूर सकती है.

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Source : hindi.news18.com