अब 4 साल में मिलेगी ग्रेजुएशन की डिग्री, उससे पहले कॉलेज छोड़ने पर क्या होगा? – News18

नई दिल्ली (UGC Guidelines 2023). एजुकेशन सिस्टम की बात करें तो 2023 बदलावों वाला साल रहा है. स्कूल से लेकर कॉलेज के स्तर तक, कई बड़े बदलाव किए गए हैं (New Education Policy, NEP 2020). यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने भी यूजी और पीजी कोर्स का स्ट्रक्चर चेंज किया है. ज्यादातर डिग्री प्रोग्राम को 3 के बजाय 4 साल का कर दिया गया है.

कई बार स्टूडेंट्स को सेशन के बीच में पढ़ाई छोड़नी पड़ जाती है. ऐसे में उनका डिग्री प्रोग्राम अधूरा रह जाता है. पढ़ाई में 1 या 2 साल इन्वेस्ट करने के बावजूद उन्हें डिग्री नहीं मिल पाती है. लेकिन अब यूजीसी की नई गाइडलाइंस में इस फॉर्मेट को बदला जा रहा है (Dual Degree Programs in India). समझिए यूजीसी के नए नियम और इनसे स्टूडेंट्स को कैसे फायदा मिलेगा.

4 साल के कोर्स में क्या है खास?
अभी तक ज्यादातर बैचलर्स डिग्री प्रोग्राम 4 साल के होते थे (4 Year UG Courses). सिर्फ एमबीबीएस और लॉ 5 साल व बीटेक कोर्स 4 साल का कोर्स था. लेकिन अब सभी यूजी प्रोग्राम को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है.

1- यूजीसी के नए नियम के अनुसार, अगर कोई स्टूडेंट पहले साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी भी वजह से कॉलेज छोड़ना चाहे तो उसे यूजी सर्टिफिकेट दिया जाएगा.

2- सभी स्टूडेंट्स को मल्टिपल एंट्री और एग्जिट का ऑप्शन दिया जाएगा. 2 साल की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें यूजी डिप्लोमा दिया जाएगा. जो स्टूडेंट्स 3 साल का कोर्स पूरा करेंगे, उन्हें अंडर ग्रेजुएशन की डिग्री दी जाएगी. वहीं, पूरे 4 साल की पढ़ाई करने पर यूजी डिग्री (ऑनर्स) अवॉर्ड की जाएगी.

3- नए नियम में यह स्पष्ट है कि अगर कोई स्टूडेंट 4 साल के कोर्स में एडमिशन लेता है तो वह 3 साल के बाद यूजी डिग्री लेकर भी कॉलेज छोड़ सकता है.

4- अभी कुछ यूनिवर्सिटी में 3 साल का कोर्स ही जारी रहेगा. वहां के स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार, 3 साल की पढ़ाई पूरी होने पर ही डिग्री मिलेगी.

5- जिन यूनिवर्सिटीज में फिलहाल 3 साल में ऑनर्स डिग्री मिलने का प्रावधान है, वहां उसी के हिसाब से डिग्री दी जाएगी.

Dual Degree Programs: डुअल डिग्री प्रोग्राम क्या है?
यूजीसी के नए नियमों के अनुसार, अब स्टूडेंट्स एक साथ दो डिग्री कोर्स (Dual Degree Course) की पढ़ाई कर सकते हैं. इसमें उन्हें एक कोर्स ऑफलाइन यानी रेगुलर बेसिस पर करना होगा. वहीं, वह दूसरा कोर्स ऑनलाइन यानी डिस्टेंस लर्निंग मोड में कर सकते हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी यूजीसी के इस नियम को मंजूरी दे चुकी है (Delhi University Courses).

UGC PG Courses: पीजी कोर्स में क्या बदलाव हुआ है?
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने सिर्फ यूजी कोर्स में ही बदलाव नहीं किए हैं. पीजी कोर्स में भी बदलाव प्रपोज किए गए हैं. जो स्टूडेंट्स 4 साल का अंडर ग्रेजुएशन कोर्स करेंगे, उन्हें मास्टर्स की डिग्री के लिए सिर्फ 1 साल पढ़ाई करनी होगी. ये सभी बदलाव फोर ईयर्स यूजी प्रोग्राम यानी FYUP के तहत किए जा रहे हैं. यूजीसी की वेबसाइट ugc.gov.in पर नोटिफिकेशन में सभी डिटेल्स देख सकते हैं.

New Education Policy 2020: कहां-कहां लागू हुआ बदलाव?
देश की 105 बड़ी यूनिवर्सिटी ने फोर ईयर्स यूजी प्रोग्राम को स्वीकार कर लिया है (Four Years UG Program). इसमें 19 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 44 डीम्ड यूनिवर्सिटी, 18 प्राइवेट और 24 स्टेट लेवल यूनिवर्सिटी शामिल हैं. इन यूनिवर्सिटी में मौजूदा सेशन से 4 साल का कोर्स शुरू भी किया जा चुका है. यूजीसी की मानें तो अगले सेशन तक इस संख्या में इजाफा देखा जाएगा.

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Tags: Delhi University, New Education Policy 2020, Ugc, University education

Source : hindi.news18.com