70 हजारी हुआ सेंसेक्स, FIIs ने रोक दिया पैसा तो कौन संभालेगा शेयर बाजार को – News18

नई दिल्ली. सेंसेक्स का 70,000 पार करना और निफ्टी को 21,000 के ऊपर जाना निवेशकों में खुशी पम्प कर रहा है. शेयर बाजार की यह जबरदस्त रैली काफी समय से जारी है. हालांकि बीच में छोटी-छोटी गिरावटें भी देखने को मिली है, मगर ओवरऑल ट्रेंड ऊपर की तरफ ही रहा है. आमतौर पर निवेशकों की रुचि इस बात में होती है कि बाजार में इस रैली के पीछे क्या कारण हैं और उन कारणों के दम पर बाजार कहां तक जा सकता है. तो चलिए आज बात करते हैं कि बाजार में फिलहाल चल रही तेजी के पीछे क्या वजह है.

शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे कुछ अहम कारण हैं. इन कारणों में विदेशी निवेशकों (FIIs) का पॉजिटिव रवैया, घरेलू निवेशकों की रुचि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पॉलिसी के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में रंगत, खासकर अमेरिकी बाजार, शामिल हैं. इन्हें हाल-फिलहाल नेगेटिव मूड में नहीं देखा जा रहा है, तो एक्सपर्ट मानकर चल रहे हैं कि यह रैली नजदीकी शॉर्ट टर्म में जारी रह सकती है.

विदेशी निवेशकों (FIIs) का पैसा
इस महीने में अभी तक विदेशी निवेशक (FIIs) 26,505.29 करोड़ रुपये भारतीय इक्विटी में डाल चुके हैं. बाजार में सकारात्मकता के रुख का यह एक अहम इंडीकेटर होता है. जब तक विदेशी निवेशकों का पैसा आता रहेगा, बाजार में गिरावट की संभावना नहीं है.

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केआर चौकसे होल्डिंग्स का एमडी डेवेन चौकसे का कहना है कि बाजार चूंकि टॉप पर है तो यहां कुछ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है, लेकिन प्रॉफिट बुक करने के बाद निवेशक अपने पैसे को कहीं और नहीं ले जाने वाले. विदेशी निवेशकों ने चीन के बाजारों में 4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश किया है, जबकि भारत में केवल 6 ट्रिलियन डॉलर. केवल इसलिए, क्योंकि भारत अभी चीन से काफी बेहतर स्थिति में है. ऐसे में और निवेश आने की संभावनाएं है.

विदेशी निवेशकों के भारत में बने रहने की संभावनाएं इसलिए भी बनती हैं क्योंकि डॉलर में कोई साफ तेजी नजर नहीं आ रही, और यूएस ट्रेजरी यील्ड भी बहुत बढ़ी हुई नहीं है.

घरेलु निवेशकों (DIIs) की रुचि
आमतौर पर FIIs थैंक्सगिविंग या हॉलीडे सीजन में निवेश से दूर रहते हैं तो क्या भारतीय इक्विटी मार्केट पर इसका असर दिखेगा? इस पर जियोजीत फाइनेंशियल के गौरंग शाह कहते हैं कि कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन घरेलू निवेशक (DIIs) बाजार में पैसे की पंपिंग जारी रखेंगे, जोकि नियर टर्म में बाजार का रुख पॉजिटिव रखेगा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक घरेलू निवेशकों ने 8 दिसंबर तक 9,533.13 करोड़ रुपये डाले, जबकि 9,967.15 करोड़ रुपये निकाले. कुल मिलाकर 434.02 करोड़ रुपये निकाले गए.

RBI की पॉलिसी
पिछले हफ्ते आई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पॉलिसी ने निवेशकों को काफी राहत दी है. रेपो रेट में कोई बदलाव (खासकर रेट्स न बढ़ने) से निवेशकों में पॉजिटिविटी बनी हुई है. दिसंबर की समीक्षा बैठक में रेपो रेट को 6.50 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है.

आखिरी बार रेपो रेट को फरवरी 2023 में बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत किया गया था. इस फैसले से होम लोन की EMI पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. मार्केट को भी ऐसा ही अनुमान था कि RBI इस बार भी दरों को जस का तस ही छोड़ेगा. इस पॉलिसी ने विदेशी निवेशकों का हौसला भी बुलंद किया है.

क्रूड ऑयल रहेगा ठंडा
गौरंग शाह ने कहा कि OPEC+ ने हालांकि उत्पादन में कमी करने की बात कही है, फिर भी क्रूड ऑयल के दाम नीचे के लेवल पर ही बने हुए हैं. इसके अलावा आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी भी निवेशकों के हक में है तो नियर टर्म बाजार अच्छा नजर आता है. बता दें कि क्रूड के दाम गिरे रहने से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के आसार नहीं है.

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Source : hindi.news18.com