कब है मार्गशीर्ष पूर्णिमा? शुक्ल योग में होगा स्नान-दान, जानें मुहूर्त, महत्व – News18

हाइलाइट्स

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का कार्यक्रम ब्रह्म मुहूर्त से प्रारंभ हो जाएगा.
इस साल की मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन शुक्ल योग और मृगशिरा नक्षत्र है.

मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाती है. यह साल 2023 की अंतिम पूर्णिमा भी है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद दान करने का विधान है. ऐसा करने से पुण्य मिलता है, पाप मिटते हैं. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन व्रत रखते हैं, सत्यनारायण भगवान, श्रीहरि विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा की जाती है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है? मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर स्नान दान और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर चंद्रोदय समय क्या है?

कब है मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल मार्गशीर्ष मााह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा ति​थि 26 दिसंबर मंगलवार को सुबह 05 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी. यह तिथि अगले दिन 27 दिसंबर बुधवार को सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक मान्य है. उदयातिथि और चंद्रोदय समय के आधार पर मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर दिन मंगलवार को है. उस दिन ही मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत और स्नान होगा.

ये भी पढ़ें: बुध धनु में होगा वक्री, इन 4 राशिवालों की चमक जाएगी किस्मत, धन-दौलत, करियर में तरक्की से होंगे मालामाल!

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023 स्नान-दान का समय
26 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का कार्यक्रम ब्रह्म मुहूर्त से प्रारंभ हो जाएगा. उस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 22 मिनट से सुबह 06 बजकर 17 मिनट तक है. इस समय के अलावा आप सुबह 09:47 बजे से दोपहर 01:39 बजे के मध्य भी स्नान, दान और पूजा पाठ कर सकते हैं.

शुक्ल योग और मृगशिरा नक्षत्र में है मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023
इस साल की मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन शुक्ल योग और मृगशिरा नक्षत्र है. शुक्ल योग प्रात:काल से लेकर 27 दिसंबर को प्रात: 03:22 बजे तक है. उसके बाद से ब्रह्म योग प्रारंभ हो जाएगा. मार्गशीर्ष पूर्णिमा को प्रात:काल से मृगशिरा नक्षत्र शुरू है, जो रात 10 बजकर 21 मिनट तक है, उसके बाद से आर्द्रा नक्षत्र है.

ये भी पढ़ें: खरमास से इन 3 राशिवालों की लग सकती है लॉटरी! लक्ष्मी कृपा से होगा धन लाभ, करियर में मिलेगी तरक्की

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023 चंद्रोदय समय
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय शाम 04 बजकर 45 मिनट पर है. उस समय से आप चंद्रमा की पूजा करें औार अर्घ्य दें. पूर्णिमा को चंद्रमा की पूजा करने से कुंडली में चंद्र की स्थिति मजबूत होती है. इसके फलस्वरूप मन स्थिर रहता है.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा को सूर्योदय प्रात: 07 बजकर 12 मिनट पर होगा. ​यह समय देश की रा​जधानी दिल्ली का है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर स्वर्ग की भद्रा भी है. भद्रा का समय सुबह 07 बजकर 12 मिनट से शाम 05 बजकर 51 मिनट तक है. स्वर्ग की भद्रा का प्रभाव धरती पर नहीं होता है.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
मार्गशीर्ष पूर्णिमा को भगवान दत्तात्रेय की जयंती और अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है. भगवान दत्तात्रेय त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश के अंश माने जाते हैं. वहीं मार्गशीर्ष पूर्णिमा को माता पार्वती मां अन्नपूर्णा के रूप में प्रकट हुई थीं. उनके आशीर्वाद से संसार का भरण-पोषण होता है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मां अन्नपूर्णा की पूजा करने से धन-धान्य बढ़ता है.

Tags: Astrology, Dharma Aastha

Source : hindi.news18.com