सूर्य धनु राशि में करेंगा प्रवेश, खरमास पर करें यह काम, पितरों के लिए होगा शुभ – News18

कुंदन कुमार/गया. खरमास एक अशुभ समय माना जाता है. क्योंकि सभी शुभ काम बेकार हो जाते हैं. लोग विवाह, लग्न आदि जैसे कोई भी शुभ अनुष्ठान और उत्सव नहीं करते हैं. साल 2023 का आखिरी खरमास 16 दिंसबर 2023 से लग रहा है. इस दिन धनु संक्रांति है. इसका समापन 15 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति पर होगा. मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं इसके बाद खरमास समाप्त हो जाता है. पितरों के लिए भी यह शुभ माना जाता है. जानिए इस खरमास में कैसे आप पितरों को मुक्ति दिला सकते हैं.
गया मंत्रालय वैदिक पाठशाला के पंडित राजा आचार्य कि मानें तो सूर्य देव एक राशि में 30 दिनों तक गोचर करते हैं. वहीं, जब धनु और मीन राशि में गोचर करते हैं, तो सूर्य देव के तेज प्रभाव से धनु और मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव क्षीण हो जाता है. इसके चलते एक महीने तक खरमास लगता है. इस दौरान शुभ काम करने की मनाही होती है. आसान शब्दों में कहें तो शादी, विवाह, विदाई, उपनयन, मुंडन आदि शुभ कार्य खरमास में नहीं किए जाते हैं.

इस महीने को माना जाता है मिनी पितृ पक्ष
धनुर मास पितरों की मुक्ति दिलाने वाला माह कहा जाता है. इस माह में पिंडदान का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस माह में पितरों के निमित्त पिंडदान करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. वे सीधे वैकुंठ की ओर प्रस्थान कर जाते हैं. इसीलिए इस महीने को मिनी पितृ पक्ष भी माना जाता है. हालांकि, इस माह में सभी तरह के मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लग जाता है. राजा आचार्य बताते हैं कि धनुर मास में गया तीर्थ आकर पितरो के निमित पिंडदान करें, तो पितर तृप्त होकर तुरंत उतम लोक की ओर अग्रसर हो जाते हैं. अपने बच्चो को आयु आरोग्य ऐश्वर्य आशीर्वाद देते हैं.

इस कारण दिन छोटे और रात बड़ी होती हैं
बता दें कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश कर​ते ही खरमास शुरू हो जाता है. ऐसे में सूर्य का प्रभाव धरती पर कम हो जाता है. इस कारण दिन छोटे और रात बड़ी होती है. चूंकि सूर्य को सभी ग्रहों का अधिपति कहा गया है, ऐसे में सूर्य की इस अवस्था का विपरीत असर अन्य ग्रहों और नक्षत्रों पर भी पड़ता है. इसलिए महीने में सूर्य को मलीन माना गया है. इस महीने को खरमास व मलमास कहा जाता है. इसी वजह से इस महीने में सभी तरह के मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है. मकर राशि के दिन मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और इसी के साथ शुभ दिनों की शुरुआत हो जाती है. मांगलिक कार्य फिर से प्रारंभ हो जाते हैं.

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