इंडिया के लिए कब खेलूंगा, अब्बू? सरफराज खान के सवाल पर पिता नौशाद ने क्या दिया जवाब, बेटे ने खोला गुरुमंत्र का राज – News18

हाइलाइट्स

सरफराज खान बोले- डेब्यू पर नर्वस था
पिता ने कही थी एक ही बात

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज सरफराज खान का कहना है कि जब उन्हें टीम इंडिया में डेब्यू का मौका नहीं मिल रहा था, तब वह काफी चिंतित थे. सरफराज अपने पिता से पूछते रहते थे कि उन्हें इंडिया के लिए खेलने का मौका कब मिलेगा ? पिता नौशाद खान अपने बेटे को हमेशा एक ही बात कहते थे कि जब तुम डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते हो तो समझो की टीम इंडिया के लिए खेल रहे हो. 26 साल के सरफराज ने टीम इंडिया में डेब्यू के बाद अब इस गुरुमंत्र के बारे में बताया है जो उनके अब्बू उन्हें दिया करते थे. सरफराज ने हाल में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज के जरिए इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा. उन्होंने डेब्यू टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक जड़कर खूब वाहवाही लूटी.

सरफराज खान (Sarfaraz Khan) पिछले कुछ सीजन से घरेलू किकेट में लगातार रन बनाते रहे. बावजूद इसके उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिल रहा था. इसके बाद वह काफी परेशान हो गए थे. वह हर बार पिता से एक ही सवाल किया करते थे. और पिता नौशाद खान (Naushad Khan) भी उन्हें एक ही जवाब दिया करते थे. जिसे सरफराज ने गांठ बांध लिया था. प्रथम श्रेणी में 14 शतक और 69.85 के औसत से रिकॉर्ड 3912 रन बनाने के बावजूद सरफराज को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली तो पिछले साल महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने उनके टेस्ट चयन के लिए समर्थन किया.

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‘मेरा काम खेलना और रन जुटाना था’
सरफराज खान ने ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ में कहा, ‘मैं अपने पिता से पूछता कि मुझे भारत के लिए खेलने का मौका कब मिलेगा तो वह मुझे सिर्फ एक चीज कहते. ऐसा सोचो कि तुम अपने अगले घरेलू मैच में भारत के लिए खेल रहे हो और ऐसे ही रन जुटाओ. इसलिए मेरा सिर्फ एक ही काम था कि जहां भी मैं खेलता, वहां रन जुटाता.’

‘बचपन से टेस्ट की अहमियत के बारे में सुनता था’
सरफराज खान को राजकोट में तीसरे टेस्ट में पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने टेस्ट कैप सौंपी जिसमें उन्होंने सुनील गावस्कर की तरह दो अर्धशतक जड़े. सरफराज ने कहा, ‘बचपन से ही मैं टेस्ट क्रिकेट की अहमियत के बारे में कहानियां सुनता। मेरे पिता मुझे खेल के लंबे प्रारूप की अहमियत बताते रहते। ऐसा नहीं था कि दबाव नहीं था, जब मैं अपनी पहली सीरीज खेल रहा था तो मुझे दबाव महसूस हुआ.’

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Source : hindi.news18.com