बिहार पुलिस की गलत रिपोर्ट के कारण 5 साल से दुबई में फंसा है युवक,अब बड़ा एक्शन – News18

हाइलाइट्स

कोर्ट का एसपी को निर्देश, डीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच करा कर दोषी पर करे कार्रवाई
भोरे पुलिस ने कोर्ट से कहा, कही नहीं मिल रहा चार्जशीट की प्रति, मूल की हो रही तलाश
परिजनों ने कहा, पेट में पथरी के कारण परेशान है विदेश में फंसने वाला गोपालगंज का युवक

रिपोर्ट- गोविंद कुमार

गोपालगंज. बिहार पुलिस की एक गलत रिपोर्ट से गोपालगंज का एक युवक पिछले पांच साल से दुबई में फंसा है. वह पुलिस की गलत रिपोर्ट के कारण वतन नहीं लौट पा रहा है. सोमवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए गोपालगंज के सीजेएम मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने गंभीरता से लिया और गोपालगंज के एसपी स्वर्ण प्रभात को डीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच करा कर दोषी पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

कोर्ट ने पुलिस कप्तान को निर्देश दिया है कि भोरे पुलिस की ओर से झूठा रिपोर्ट समर्पित कर दिये जाने की वजह से एक भारतीय नागरिक मनोज साह विदेश में फंस गया है. वह भारत नहीं आ पा रहा है. एक अन्य नागरिक अशोक साह का पासपोर्ट नहीं बनने के वजह से वह रोजगार के वास्ते बाहर नहीं जा पा रहा है. यह एक गंभीर मामला है.

अब इस दिन होगी अगली सुनवाई

कोर्ट ने आदेश दिया कि एसपी अपने स्तर से डीएसपी स्तर के पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर संपूर्ण मामले की जांच करवायें तथा जांच में दोषी पाये जाने वाले पुलिस पदाधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई करे. कोर्ट को अवगत करायें. साथ ही विदेश में फंसे युवक मनोज साह के पासपोर्ट रिन्युअल कराने के लिये संबंधित को आदेश दें. कोर्ट ने पूरे मामले काे डीजीपी, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पटना तथा पुलिस डीआइजी सारण को भी भेजा है. अब इस मामले की सुनवाई आठ अप्रैल को मुकर्रर की गयी है.

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जानिए क्या है पूरा मामला

गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के कावे गांव में रास्ते को लेकर 24 मार्च 2018 को मारपीट हुआ था. भोरे थाना कांड संख्या-87/18 में भोरे थाना के कावे गांव की रहने वाली सुशीला देवी के तहरीर पर छह अभियुक्तों के विरूद्ध भादंसं. की धारा 341, 323, 324, 307, 379/34 में दर्ज कराया गया है. सभी अभियुक्त जमानत पर है.

पासपोर्ट की जांच में भोरे पुलिस ने दिया झूठा रिपोर्ट

मनोज कुमार साह दुबई में कार्यरत था. उसके पासपोर्ट की अवधी समाप्त हो रही थी. तो अपने दुबई में भारत सरकार के (इंडियन एंबेसी)कन्सुलेट जेनरल ऑफ इंडियाके द्वारा अपने पासपोर्ट के रिन्युअल के लिए आवेदन किया, पासपोर्ट कार्यालय पटना से दिनांक 15 अक्तूबर 2020 को अशोक साह के नाम पत्र निर्गत किया गया. जिसमें भोरे थाना कांड संख्या में आरोप पत्र संख्या 191/2019 दिनांक 30 जून 2019 एवं उसके भाई अशोक कुमार साह के पासपोर्ट के संबंध में 22 फरवरी 2023 में भी उक्त आरोप पत्र का उल्लेख किया गया था. जिससे दोनों की पासपोर्ट रिन्युअल नहीं हो सका.

पुलिस ने कोर्ट में कहा, चार्जशीट का नहीं मिल रहा प्रति

कोर्ट को सौंपे गये रिपोर्ट में कहा गया है कि भोरे थाना कांड सं0-87/2018 में आरोप पत्र सं-191/19 दिनांक 30 जून 2019 का जांच थाना सिरिस्ता में संधारित वर्ष 2018 के रनिग रजिस्टर का अवलोकन किया तो पाया गया कि उक्त रजिस्टर में आरोप पत्र सं0-191/19 दिनांक 30 जून 19 अंकित है. आइओ पुअनि बकलम मांझी का नाम अंकित है. आरोप पत्र कि कार्बन प्रति कार्यालय में खोजबीन किया गया, अभी तक नहीं मिला है. आरोप पत्र कि कार्बन प्रति के संदर्भ में पुलिस निरीक्षक मीरगंज अंचल एवं एसडीपीओ हथुआ के कार्यालय में भी पता लगाया गया उपलब्ध नहीं पाया गया है. उक्त कांड का मूल रेकड़ का पता / खोजबीन किया जा रहा है. मिलते ही कोर्ट में उपलब्ध करा दिया जायेगा.

बच्चों के साथ पति के इंतजार पत्नी अनिता

कावे गांव में अपने पति मनोज के वापस लौटने के इंतजार में उसकी पत्नी पिछले चार वर्ष से रोज दिन काट रही है. जब मनोज दुबई गया था तो उसका छोटा बेटा आर्यन दो माह का था. आज आर्यन पांच साल का हो चुका है. रोज अपनी मां से सवाल कराता है कि पापा कब आयेंगे. यह बातें कह कर अनिता फफक पड़ती है. . छोटे-छोटे बच्चों सुमित,पियूष व आर्यन को लेकर अनिता इस उम्मीद में है कि कभी तो वे लौट कर आयेंगे. जबकि उसकी मां मालती देवी की आंखे अपने बेटे को देखने के लिए पथरा चुकी है. मनोज के पेट में पथरी हो चुका है. उसका इलाज भी नहीं हो पा रहा. जबकि उसका छोटा भाई अशोक गांव में मजदूरी कर परिजनों के लिए रोटी का इंतजाम कर पा रहा.

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Source : hindi.news18.com