ये है असली अयोध्या की तस्वीर, होली के रंग में रंगीन हुए अंसारी और पुजारी – News18

सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या : रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के अयोध्या में धूमधाम से होली मनाई जा रही है. अयोध्या के बाजारों में पिचकारी और गुलाल की रौनक है, तो धर्म नगरी अयोध्या के मठ-मंदिरों में भगवान को फगुआ गीत सुनाए दे रहे हैं. बसंत पंचमी के बाद से ही भगवान राम की नगरी में होली शुरू हो जाती है. अयोध्या के हर मठ-मंदिर में इन दिनों भक्त से लेकर भगवान तक सब फगुआ गीत में सराबोर हैं.

इसी कड़ी में आज रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने धूमधाम से होली खेली. रामनगरी में इस बार राम मंदिर की होली सभी के लिए आकर्षण का केंद्र होगी. 495 साल बाद रामलला की होली भव्य महल में होने जा रही है. इसलिए रामलला के दरबार में धूमधाम से होली मनाने की तैयारियां जारी हैं. होली से पहले ही भगवान के भव्य मंदिर में विराजमान होने का उत्साह अभी से ही मठ-मंदिरों में नजर आ रहा है.

खेली गई सौहार्द की होली
आज अयोध्या में सौहार्द की होली खेली गई. रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और बाबरी मस्ज़िद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने होली खेलकर देश में भाईचारे का संदेश दिया. दोनों ने एक साथ फाग गाया, एक दूसरे को अबीर और गुलाल लगाया. आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि होली सदभाव का पर्व है. इस पर्व पर धार्मिक मतभेद को भूल देश और समाज के लिए एक होना चाहिए. होली के दिन जिस प्रकार सभी रंग एक-दूसरे का भेद भूल एक में मिलकर आनंद देते हैं उसी तरह हम सभी को एक होकर समाज की बेहतरी का संदेश देना चाहिए.

अयोध्या में तेज होगा भक्तों का उत्साह
आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि होली का पर्व अयोध्या में बहुत पहले से शुरू हो गया है. होली का पर्व अपने आप में विलक्षण है. भगवान राम का मंदिर बन गया है और प्रभु राम अपने मंदिर में विराजमान हो गए हैं. ऐसे में एक तरफ भक्तों का उत्साह है तो दूसरी तरफ आज हम और इकबाल अंसारी ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर फूलों से होली खेली है. अब यह उत्सव दिन प्रतिदिन बढ़ता जाएगा. होली तक अयोध्या के अनेक मठ-मंदिरों में यह उत्सव देखने को मिलेगा.

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है ये होली
बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या में यह पहली होली है. हम समस्त देशवासियों को इस होली के साथ संदेश देना चाहते हैं कि यही गंगा-जमुनी तहजीब है, यहां आपस में हिंदू-मुस्लिम एक साथ होली खेल रहे हैं. यह हमारी परंपरा है और कई वर्षों से चली आ रही है. यह नई परंपरा नहीं है, यह त्योहार हिंदू और मुस्लिम दोनों के मिलन का त्योहार है. हम और रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास एक साथ होली खेल रहे हैं और देशवासियों को यह संदेश दे रहे हैं. यह हिंदू और मुसलमानों के मिलन का त्योहार है, आने वाली पीढ़ी भी देखेगी कि हम हिंदू और मुस्लिम एक साथ होली खेल रहे हैं.

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