Opinion: दुनिया ने माना तेजी से आगे बढ़ रही है मोदी सरकार की इकोनॉमी – News18

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया है की भारत 2027 मे दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बन जायेगी. पीएम मोदी का ये दावा हवा मे नहीं बल्कि देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था को तस्दीक देती हुई हकीकत को बयां करती हैं. दुनिया के तमाम देश और उनकी एजेंसी भी अब मानती है कि भारत दुनिया मे सबसे तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है.

एक वक्त था जब विदेशी एजेंसी भारत की अर्थव्यवस्था को दवाब में मानती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों का नतीजा है कि कुछ सालों मे उनके नजरिए में भारी बदलाव आया है. अब दुनिया भारत की बढती अर्थव्यवस्था का कायल बनती जा रही है. अब विदेशी रेटिंग एजेंसियां देश की शान में गढ़ने लगी हैं.

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तेज रफ्तार से भाग रही भारत की इकोनॉमी: मॉर्गन स्टेनली
भारत हर रोज तरक्की के रोज नए अध्याय गढ़ रहा है. देश ही नहीं विदेशों में भी भारत की जयजयकार हो रही है. अब अमेरिका जैसे सुपर पॉवर देश ने भी भारत का लोहा मान लिया है. मॉर्गन स्टेनली के अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि इन्वेस्टमेंट के दम पर आगे बढ़ रही भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 2003-07 के जैसे लग रही है. उस वक्त आर्थिक वृद्धि ददर औसतन आठ फीसदी से ज्यादा थी.

मॉर्गन स्टेनली ने एक रिपोर्ट द व्यूपॉइंट इंडिया व्हाई दिस फील लाइक 2003-07 में कहा कि एक दशक तक जीडीपी के मुकाबले इन्वेस्टमेंट में लगातार गिरावट आने के बाद अब भारत में कैपिटल एक्सपेंडिचर में इजाफे के रूप में उभरा है. रिपोर्ट के मुताबिक कैपिटल के खर्च के लिए पर्याप्त गुजाइंश है और इसी वजह से वर्तमान तेजी 203-07 के ही बराबर है. अर्थशास्त्रियों ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी खपत के मुकाबले निवेश बढ़ने के चलते है.

इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2011 में निवेश जीडीपी के मुकाबले अपने उच्च स्तर पर था. इसके बाद इसमें धीरे-धीरे गिरावट आई. यह गिरावट 2011 से 2021 तक देखने को मिली. हालांकि, उसके बाद से हालात बदलने लगे और अब जीडीपी के मुकाबले निवेश 34 फीसदी तक पहुंच गया. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2026-27 के वित्त वर्ष में इसके 36 फीसदी होने की संभावना है.

भारत 2030 मे तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा: S&P ग्लोबल रेटिंग्स
मॉर्गन स्टेनली ही नहीं रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्तीय वर्ष 2024 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के विकास अनुमान को 6 फीसदी से बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया है. मजबूत घरेलू कारकों के कारण रेटिंग एजेंसी ने अपना विकास अनुमान में वृद्धि की है. हालांकि, एसएंडपी ने वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) के लिए देश की जीडीपी वृद्धि का अनुमान पहले के 6.9 फीसदी से घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है.

एसएंडपी की FY25 जीडीपी वृद्धि भविष्यवाणी आरबीआई के 6.6 फीसदी के अनुमान से भी कम है. रेटिंग एजेंसी ने अपने नोट में कहा, “हमने वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि के अपने अनुमान को 6 फीसदी से बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया है, क्योंकि मजबूत डोमेस्टिक मोमेंटम उच्च खाद्य मुद्रास्फीति और कमजोर निर्यात से होने वाली बाधाओं की भरपाई करती दिख रही है.”

घरेलू कारकों से आ रही मजबूती
एसएंडपी की रिपोर्ट के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था को घरेलू कारकों की मज़बूती से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है. यही कारण है महंगाई और कमजोर निर्यात भी भारत की इकनॉमी के ग्रोथ रेट को कमजोर नहीं कर पाएंगे. रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि कमजोर ग्लोबल संकेत के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर वित्‍त वर्ष 2025 में दबाव देखने को मिल सकता है. इसके अलावा, RBI द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी भी एक कारक है, जिसका असर भी देखने को मिल सकता है.

फिच ने भी बढ़ाया था ग्रोथ अनुमान
पिछले साल नवंबर महीने की शुरुआत में रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) ने भारत के मिड टर्म ग्रोथ अनुमान को 0.7 फीसदी बढ़ाकर 6.2 फीसदी कर दिया था. इससे पहले ग्लोबल एजेंसी का अनुमान 5.5 फीसदी का था. फिच ने कहा कि 2023-24 के लिए भारत की विकास दर 6.3 फीसदी रहने की उम्मीद है.

रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही भारत की इकॉनमी: मूडीज
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2024 के कैलेंडर साल के लिए भारत के ग्रोथ रेट के अनुमान को बढ़ाकर 6.8% कर दिया है. इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.1% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया था. वर्ष 2023 में भारत के आर्थिक आंकड़े उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं, जिसकी वजह से मूडीज ने वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाया है. कैलेंडर साल 2023 की चौथी तिमाही में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सालाना आधार पर 8.4% रही है. ऐसे में पूरे 2023 के साल में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी है. मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को कहा कि सरकार के पूंजीगत व्यय और मजबूत विनिर्माण गतिविधियों ने 2023 में वृद्धि के मोर्चे पर सार्थक नतीजे दिए हैं.

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Source : hindi.news18.com