आम के पेड़ों पर आई मौर, इन्हें माहू से बचाएं किसान,एक्सपर्ट से जानें कैसे मिले – News18

अर्पित बड़कुल / दमोह:गर्मी आते ही फलों का राजा आम की मांग बढ़ने लगती है. मध्य प्रदेश के दूर अंचलदमोह भी मीठे आम के पैदावार के लिए जाना जाताहै. यहां ग्रामीण इलाकों में आम के पेड़ आसानी से मिल भी जाते हैं. पिछले साल के मुकाबले इस साल किसानों को आम की अच्छी फसल होने की उम्मीद है. इस फसल के आने से पहले ही किसानों को मौर में माहू कीट लगने का खतरा बना हुआ है. जिसके उपचार के लिए दमोह कृषि वैज्ञानिक डॉ मनोज अहिरवार से जरूरी सलाह जरूर लें.

आठ साल से दमोह कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ वरिष्ठ कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख अधिकारी डॉ मनोज कुमार अहिरवार ने Local18 से कहा कि गर्मी आते ही फलों का राजा कहे जाने वाले आम की फसल आ जाती है. जो किसान भाई आम की पैदावार कर रहे हैं. उनके लिए महत्वपूर्ण जानकारी ये है कि आम के पेड़ो में मौर या फल आना शुरू हो चुके हैं. जिनमें अक्सर रस चूसने वाले कीड़े बैठ जाते हैं. जिनमें से कुछ कीट तो लाभदायक होते हैं, और कुछ कीट हानिकारक होते हैं. जो इसके रस को चूसते हैऔर इसे नुकसान पहुंचा देते हैं.

कीट लगने की संभवना में 10 दिनों के अंतरमें करें छिड़काव
ऐसे में फसल को इन कीटो से बचाव के लिए थायोमिथोक्जेम एक ग्राम 3 लीटर पानी में या इमीडाक्लोप्रीड 17.8 एमएल दवा तीन लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. आवश्यकता पड़ने पर दूसरा छिड़काव 10 दिन बाद करें. दरअसल, आम के पेड़ के फलों, फूलों पर बैठने वाली माहू इन्हें नुकसान पहुंचाने के साथ इसकी समय समय पर पेड़ो पर दवाओं का छिड़काव करते हैं. ताकि ये हानिकारक कीट फलों का रस न चूस पाएं.

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Source : hindi.news18.com