ग्रह-नक्षत्र बताएंगे दिल का दौरा पड़ेगा या नहीं, रिसर्च में हुआ खुलासा – News18

अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ : सनातन धर्म में जन्म कुंडली को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है . ज्योतिष विज्ञान कहता है कि किसी व्यक्ति की कुंडली से उसके भाग्य को जाना जा सकता है. जन्म कुंडली को देखकर ही ज्योतिषाचार्य उस व्यक्ति के स्वभाव, नौकरी-पेशे, आर्थिक स्थिति, परिवार, विवाह एवं प्रेम जीवन के अलावा जीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की सटीक भविष्यवाणी करते हैं .साथ में ही अगर किसी का समय खराब चल रहा होता है तो ज्योतिषाचार्य कुंडली के आधार पर सलाह देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है आपकी यही जन्म कुंडली आपको होने वाली तमाम बीमारियों के बारे में भी पहले से बता सकती है. आपको दिल का दौरा पड़ेगा या नहीं पड़ेगा इसका खुलासा भी आपकी कुंडली से हो सकता है. यह चौंकाने वाली रिसर्च लखनऊ विश्वविद्यालय की ज्योतिर्विज्ञान विभाग ने की है.

लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुज शुक्ला ने बताया कि पिछले 5 से 6 सालों में लगभग 25 से ज्यादा ऐसे लोगों की कुंडली उन्होंने देखी जिनके कुंडली में दिल का दौरा पड़ने या लीवर की बीमारियों के साथ ही दिल की बीमारियां होने के संकेत थे. प्रोफेसर शुक्ला ने उन लोगों को सचेत भी किया था लेकिन जब उन लोगों ने बात का मजाक में लिया. उन्हें दिल की बीमारियों समेत तमाम बीमारियों से जूझना पड़ा. प्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि ऐसा इसलिए संभव होता है जो कुंडली है उसमें स्त्री हो या फिर पुरुष उसके सारे भाव लिखे होते हैं, किस भाव में कौन सा ग्रह बैठा है और वो ग्रह किस दूसरे ग्रह से पीड़ित है यहीं से जातक की बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सकता है.

यह ग्रह होते हैं जिम्मेदार
डॉ. अनुज शुक्ला ने बताया कि जातक की कुंडली का चौथा भाव हमेशा दिल से जुड़ा होता है. यहीं से भी पता लगाया जा सकता है कि उसके चौथे भाव और तीसरे भाव में कौन सा ग्रह बैठा हुआ है. अगर किसी की कुंडली में सूर्य चंद्रमा और गुरु तीनों पीड़ित हों तो इंसान को हाई बीपी की दिक्कत रहेगी और हाई बीपी दिल की बीमारियां देगा. जबकि दिल का दौरा देने के लिए सिर्फ और सिर्फ मंगल ग्रह ही कारण होता है, क्योंकि मंगल ग्रह विस्फोटक ग्रह होता है और अगर किसी की कुंडली में सूर्य, चंद्रमा, गुरु और मंगल चारों ही पीड़ित हों तो व्यक्ति को दिल का दौरा समेत फैटी लीवर जैसी बीमारियों को होने से कोई भी रोक नहीं सकता. उन्होंने बताया कि इन्हीं ग्रहों की वजह से लोगों को ब्लड कैंसर तक होता है.

दोनों तरह के करें उपाय
डॉ. अनुज शुक्ला ने बताया कि जब कोई जातक उनको कुंडली दिखाता है तो अगर उसमें ऐसे भाव बन रहे होते हैं या ये सभी ग्रह पीड़ित होते हैं तो उस व्यक्ति को पहले ही सचेत कर दिया जाता है कि आपके आने वाले समय में आपको ये बीमारियां हो सकती हैं. ऐसे में अपनी डाइट पर ध्यान दें और समय-समय पर डॉक्टर से मिलते रहें और ग्रहों से जुड़ा हुआ उपाय भी करते रहें.

दिल की बीमारियों के कारक हैं मंगल ग्रह
डॉ. अनुज शुक्ला ने बताया कि दिल की बीमारियों का कारक मंगल ग्रह होते हैं. ऐसे में जब किसी का मंगल पीड़ित होता है तो उस जातक को हनुमान जी की उपासना करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा भोलेनाथ के पुत्र कार्तिकेय की भी पूजा करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा एक चंडिका स्त्रोत होता है इसका नियमित पाठ करने की भी सलाह दी जाती है. जब किसी का सूर्य पीड़ित होता है तो सूर्य भी दिल समेत फैटी लीवर की बीमारियां देता है, ऐसे में सूर्य उपासना के लिए नियमित रूप से सूर्य भगवान को जल चढ़ाने की सलाह दी जाती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

Source : hindi.news18.com