बिहार: केके पाठक के आदेश से पीड़ित हुए तो जमीन पर बैठ गए, जानिए पूरा मामला – News18

छपरा. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के एक निर्णय के अनुसार, बिहार में अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान अब सरकार नहीं करेगी. हाल ही में जारी इस आदेश के तहत अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान विश्वविद्यालय को अपने आंतरिक स्रोत से करना होगा. इसको लेकर उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी ने जेपी विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय को अपने आंतरिक स्रोत से अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान करने का निर्देश दिया था. लेकिन, सरकार की इस आदेश के कारण अब अतिथि शिक्षकों के वेतन भुगतान पर ग्रहण लग गया है. होली में भी अतिथि शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हुआ जिसे लेकर आक्रोशित अतिथि शिक्षक विश्वविद्यालय में पहुंच गए और हंगामा कर काम काज ठप कर दिया.

अतिथि शिक्षक रजिस्ट्रार के कार्यालय में जमीन पर ही बैठ गए और वेतन की मांग करने लगे. इस हंगामा के बाद कुलपति ने हस्तक्षेप किया और 2 महीने का वेतन विश्वविद्यालय से जारी करने का निर्देश दिया, जिसके बाद शिक्षक शांत हुए. अतिथि शिक्षक हरिमोहन पिंटू और डॉ नीतू सिंह का कहना है कि कॉलेज अपने आंतरिक स्रोत के आए को शिक्षकों के वेतन मद में खर्च करना नहीं चाहते हैं, क्योंकि ऑडिट में यह मामला फंस सकता है. लिहाजा सभी कॉलेज सरकार के पत्र की अनदेखी कर रहे हैं और अतिथि शिक्षकों का वेतन नहीं दे रहे हैं.

जेपी विश्वविद्यायल के वीसी ने यह कहा
जेपी विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ रंजीत कुमार का कहना है कि 8 महीने से अतिथि शिक्षकों का वेतन सरकार के द्वारा नहीं दिया जा रहा जिसके लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है. विश्वविद्यालय के आंतरिक स्रोत में उतनी रकम नहीं है जिससे उनके वेतन भुगतान का खर्च उठाया जा सके. लिहाजा बार-बार सरकार को इससे सूचित किया जा रहा है. लेकिन, सरकार के द्वारा वेतन नहीं दिया गया. फिलहाल होली को देखते हुए कुलपति ने 2 महीने का वेतन रिलीज करने का निर्देश दे दिया गया. इस बीच सरकार से फिर से अनुरोध किया जाएगा कि उनके वेतन मद का पैसा रिलीज किया जाए.

गेस्ट टीचर के लिए वेतन भुगतान के लाले
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक ने अतिथि शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर निर्देश जारी किया था और आंतरिक स्रोत से ही विश्वविद्यालय को इन्हें वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया था. लेकिन, जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने अंतरिक स्रोत से वेतन भुगतान पर अपने हाथ खड़े कर लिए हैं, क्योंकि विश्वविद्यालय कहना है कि पर्याप्त राशि नहीं है.

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Source : hindi.news18.com