'हिंद महासागर का नाम हमारे नाम पर, अगर…', समुद्री लुटेरों पर बोले नेवी चीफ – News18

नई दिल्ली. नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने को कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र का नाम भारत के नाम पर है और इसलिए देश को इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करना होगा. उन्होंने इस इलाके को समुद्री डकैती और ड्रोन हमलों के खतरे से सुरक्षित करने के लिए नौसेना द्वारा की जा रही कार्रवाइयों पर जोर देते हुए यह बात कही. उन्होंने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘पहले हर दिन 54-55 एंटी-पाइरेसी जहाज होते थे और अब यह 64-65 हो गए हैं. ये चीन से एंटी पाइरेसी एस्कॉर्ट फोर्स और यूरोप से EUNAVFOR के हैं. क्योंकि वे अपने देश के निर्देशों के अनुसार वहां मौजूद हैं. भारतीय नौसेना का अपने काम को लेकर बहुत साफ नजरिया है.’

नौसेना के चीफ हरि कुमार ने कहा कि ‘यह हिंद महासागर है, जिसका नाम हमारे नाम पर रखा गया है और अगर हम कार्रवाई नहीं करेंगे, तो कौन करेगा? भारतीय नौ सेना हिंद महासागर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सकारात्मक कार्रवाई करेगी.’ नौसेने के चीफ हरि कुमार की यह टिप्पणी अदन की खाड़ी, अरब सागर और लाल सागर में ड्रोन रोधी, मिसाइल रोधी और समुद्री डकैती रोधी हमलों के लिए भारतीय नौसेना के ऑपरेशन संकल्प के 100 दिन पूरे होने पर आई है.

समुद्री लुटेरों पर कड़ी निगाह
पिछले कुछ महीनों में इस इलाके में कई समुद्री डाकुओं के हमले सामने आए हैं. जिसके कारण भारतीय नौसेना द्वारा विभिन्न बचाव अभियान चलाए गए हैं. नौसेना प्रमुख ने कहा कि अरब सागर में एक बड़े ऑपरेशन में बचाए गए एमवी रुएन की तरह व्यापारिक जहाजों को भी समुद्री लुटेरे ‘मदर शिप’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अब दक्षिणी समूह पर कड़ी नजर रख रही है, जिसमें 35-60 समुद्री डाकू हो सकते हैं. एमवी अब्दुल्ला जहाज का अपहरण किया गया हो सकता है, जिसका इस्तेमाल मदर शिप के रूप में किए जाने का संदेह है.

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दक्षिणी समूह में 35-60 समुद्री डाकू होने की आशंका
उन्होंने कहा कि ‘ हमें हमेशा संदेह रहा है कि वहां बड़े मदर शिप हैं और हम सोच रहे थे कि वे समुद्री लुटेरों को ढो रहे होंगे. लेकिन हमें आश्चर्य हुआ कि एमवी रुएन को तीन महीने पहले सोमाली जल में अपहरण के बाद मदर शिप के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था. हमें संदेह है कि ऐसा हो सकता है एक दक्षिणी समूह हो जिसमें 35-60 समुद्री डाकू हो सकते हैं.’ एडमिरल कुमार ने कहा कि नौसेना एमवी अब्दुल्ला पर कड़ी नजर रख रही है जिसे अपहरण कर लिया गया है और इसका इस्तेमाल मदर शिप के रूप में किया जा सकता है. गौरतलब है कि भारतीय नौसेना द्वारा पकड़े गए 35 सोमाली समुद्री लुटेरों को शनिवार को सीमा शुल्क और आव्रजन की औपचारिकताओं के बाद मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया.

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Source : hindi.news18.com