भगवान कृष्ण ने यहां ली अंतिम सांस, हर साल लाखों भक्तों की उमड़ती है भीड़ – News18

Bhalka Tirth Temple: हमारे देश में भगवान कृष्ण को कई रूपों में पूजा जाता है. उनके प्राचीन मंदिर देश के कई हिस्सों में स्थित हैं. जिसमें लोगों की काफी आस्था है. भगवान कृष्ण को विष्णु का 8वां अवतार माना जाता है और हिंदू धर्म में उन्हें कन्हैया, श्याम, केशव, द्वारकेश, वासुदेव जैसे कई नामों से बुलाया जाता है. श्री कृष्ण के जन्म से जुड़ी बातें तो हर कोई जानता है. लेकिन क्या आप जानते हैं श्रीकृष्ण की मृत्यु कैसे हुई? यदि नहीं, तो आज  हम आपको उस स्थान से परिचित कराने जा रहे हैं, जहां भगवान श्री कृष्ण ने अपना शरीर त्यागा था. 

इस स्थान का भगवान कृष्ण से विशेष संबंध है. महाकाव्य महाभारत की अठारह पुस्तकों में से एक, मौसल पर्व, भगवान कृष्ण के अंतिम दिनों के बारे में बताता है. महाकाव्य के अनुसार श्रीकृष्ण की मृत्यु एक तीर से हुई थी. जीरू नाम के एक शिकारी ने श्रीकृष्ण को हिरण समझकर उन पर तीर चला दिया था. उस समय श्रीकृष्ण वन में ध्यान कर रहे थे. 

गुजरात के इसी स्थान पर श्री कृष्ण ने अंतिम सांस ली थी
श्री कृष्ण को गुजरात के सौराष्ट्र में भालका के पास तीर लगा था. यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है. ऐसा माना जाता है कि जो भी यहां सच्चे मन से आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

लोकेशन पर पहुंचने के लिए क्या करें?
भालका का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वेरावल है. लोग सड़क मार्ग से सोमनाथ, जूनागढ़, भावनगर और पोरबंदर होते हुए आसानी से पहुंच सकते हैं. यहां से आपको हर दिन बसें मिलेंगी. इसके अलावा अगर आप हवाई जहाज से जा रहे हैं तो राजकोट एयरपोर्ट की मदद भी ले सकते हैं. भालका तीर्थ गुजरात के सौराष्ट्र के प्रभास क्षेत्र के वेरावल शहर में स्थित है. इसके अलावा सोमनाथ से कई पैकेज भी उपलब्ध हैं. पैकेज के माध्यम से घूमना भी बहुत आसान है. अगर आप दूसरे राज्यों से आ रहे हैं तो ट्रेन आपके लिए बेस्ट रहेगी, क्योंकि स्लीपर कोच में टिकट की कीमत 300 रुपये से लेकर 400 रुपये तक होती है.

घूमने की जगहें
भालका के अलावा आप चोरवाड बीच, पांच पांडव गुफाएं और सोमनाथ बीच भी देख सकते हैं. इसके अलावा आप गिर नेशनल पार्क, ऊपरकोट किला और साबरमती आश्रम जैसी जगहों पर भी जा सकते हैं. 

(Disclaimer: यह जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है. News18 इसका समर्थन नहीं करता है.)

Tags: Dharma Aastha, Dharma Culture, Gujarat, Krishna

Source : hindi.news18.com