जेल है या ट्रेनिंग सेंटर! कैदी बन गए कुक, टेलर, इलेक्ट्रीशियन, नहीं पड़ती… – News18

शक्ति सिंह/ कोटा राज. कोटा के सेंट्रल जेल में कोई कैदी हत्या जैसे संगीन जुर्म में सजा काट रहा है, तो कोई लूट और डकैती जैसी वारदात का आरोपी है, लेकिन जेल की सलाखों के बीच रहकर उनकी सोच अब धीरे-धीरे बदल रही है. कैदियों की पढ़ाई के साथ-साथ कुकिंग, इलेक्ट्रीशियन, हेयर कटिंग अलग-अलग तरह के कोर्स कैदियों को करवाए जाते हैं. कम आमदनी में जीवन कैसे चलाया जाए, जेल के कैदी इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की मरम्मत में भी अपना हुनर दिखा रहे हैं. अब जेल प्रशासन को अपने उपकरणों की मरम्मत के लिए किसी मिस्त्री को तलाशना नहीं पड़ रहा है. जेल में ही बल्ब से लेकर पंखा और अन्य उपकरणों की मरम्मत कराई जा रही है. उन्हें केवल उपकरणों का सामान लाकर दे दिया जाता है इसके बाद बंदी मरम्मत करके उपकरण को ठीक कर देते हैं.

सुपरिटेंडेंट परमजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि आरएसएलडीसी के साथ ही जेल में कौशल विकास योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत का प्रशिक्षण चलाया जा रहा है. इसमें 60 कैदियों ने भाग लिया था रोजाना दो घंटे उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की मरम्मत का काम सिखाया जाता है.

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कैदियों को मिला लाभ
एक माह तक चले इस प्रशिक्षण से कई कैदी महारत हासिल कर रहे हैं. वह बल्ब, पंखा, मिक्सी, प्रेस और अन्य उपकरणों की मरम्मत करना सीख गए साथ ही कुकिंग के कोर्स में 30 कैदी और ब्यूटी केयर और हेयर कटिंग का कोर्स भी कैदियों को करवा दिया है. 60 कैदियों को सिलाई का कोर्स करवा दिया है. कुल टोटल 120 बंदी विभिन्न कोर्स कर चुके हैं. इसके बाद सभी कैदियों को प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. अब से जेल में जो भी उपकरण खराब होता है तो जेल के कैदी ही उसकी मरम्मत कर देते हैं. आगे बंधियो के लिए कंप्यूटर का कोर्स भी करवाया जाएगा.

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Source : hindi.news18.com