टिकट कटा, अब कहा 'खिचड़ी चोर के लिए नहीं करूंगा प्रचार', निरुपम किससे खफा! – News18

मुंबईMVA. महाराष्ट्र में 17 सीटों के लिए शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) की सूची ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए)- कांग्रेस, सेना यूबीटी और एनसीपी (शरद पवार) गठबंधन में दरार को सामने ला दिया है. यहां तक कि कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने भी उनके मुंबई नॉर्थवेस्ट उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर ‘खिचड़ी चोर’ करार दिया है. मुंबई की छह सीटों में से ठाकरे ने चार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की. अमोल कीर्तिकर के अलावा मुंबई नॉर्थईस्ट से संजय पाटिल, मुंबई साउथ से अरविंद सावंत और मुंबई साउथसेंट्रल से अनिल देसाई के नाम की घोषणा की गई.

अमोल कीर्तिकर मुंबई नॉर्थवेस्ट सीट से मौजूदा सांसद गजानन कीर्तिकर के बेटे हैं, जो सेना (एकनाथ शिंदे) गुट में शामिल हो गए हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में गजानन कीर्तिकर ने कांग्रेस के संजय निरुपम को हराया था. अमोल कीर्तिकर को बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोविड-19 अवधि के दौरान प्रवासी श्रमिकों को ‘खिचड़ी’ बांटने के ठेके देने में गड़बड़ियों के संबंध में तलब किया था.

‘शिवसेना ने दान में कांग्रेस को एक सीट छोड़ी’
संजय निरुपम ने कहा कि ‘आज शिवसेना (यूबीटी) ने मुंबई की 4 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की…उन्होंने दान के रूप में कांग्रेस के लिए एक सीट छोड़ी है. मैं इस फैसले का विरोध करता हूं. मैं शिवसेना (यूबीटी) का भी विरोध करता हूं और कांग्रेस नेतृत्व की निंदा करता हूं जिसने शिवसेना के साथ बातचीत की. शिवसेना (यूबीटी) ने नॉर्थवेस्ट मुंबई में जो उम्मीदवार खड़ा किया है, उसके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं…मैं ऐसे ‘खिचड़ी चोर’ उम्मीदवार के लिए प्रचार नहीं करूंगा.’

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‘शिवसेना अतिवादी रुख से बचे’
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने कहा कि ‘सांगली और मुंबई साउथ सेंट्रल सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करना सेना यूबीटी का अच्छा कदम नहीं है. इन सीटों पर अभी भी बातचीत चल रही है. उन्हें ‘गठबंधन धर्म’ का पालन करते हुए घोषणाओं से बचना चाहिए था.’ हम अब भी सांगली सीट की मांग करते हैं और शिवसेना को फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए. हमने दिल्ली को वर्तमान परिदृश्य से अवगत करा दिया है.’ इस पर निरुपम ने कहा कि ‘अगर थोराट बातचीत में शामिल टीम का हिस्सा थे, पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्होंने उनकी भी बात नहीं सुनी गई…शिवसेना को अतिवादी रुख नहीं अपनाना चाहिए.’

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Source : hindi.news18.com