हेल्थ क्रांति पर बिल गेट्स से PM ने की चर्चा, कहा- वैक्सीन के लिए प्रेरित किया – News18

नई दिल्लीः बिल गेट्स के साथ भारत में डिजिटल क्रांति, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा क्षेत्रों पर की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की. दरअसल किसी भी देश की विकास गति को आंकना हो तो ये देखिये कि वहां पर स्वास्थ्य को लेकर सरकार का क्या नजरिया है? सरकार आम नागरिकों के स्वस्थ्य के लिए क्या योजनायें बना रही है और जमीन पर उसका क्रियान्वयन कैसा रहा?

पीएम मोदी की गेम चेंजर योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शासन प्रणाली और राजनीति में स्वास्थय नीति का बहुत अहम किरदार है. मोदी ने 2018 में अपनी दूरदर्शी गेम-चेंजर योजना ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत की जो एक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम से कहीं अधिक है. इस विजन के चार स्तम्भ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, हेल्थ और वेलनेस केंद्र, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन है.

26000 से अधिक अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया
आयुष्मान भारत करोड़ों भारतीयों के लिए सुलभ और सस्ती चिकित्सा देखभाल लाने का एक सार्थक प्रयास साबित हो रहा है, जिसके केंद्र में गरीब कल्याण है. 12 करोड़ कमजोर परिवारों के लगभग 55 करोड़ व्यक्तियों को कवर करते हुए, यह योजना प्रति परिवार/प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निश्चित स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है. इस योजना के तहत 26,000 से अधिक अस्पतालों (जिनमें से 11,000+ निजी अस्पताल हैं) को जोड़ा गया.

अब तक 6.2 करोड़ से अधिक लोग हो चुके हैं भर्ती
योजना के माध्यम से अब तक कुल 6.2 करोड़ से अधिक निःशुल्क अस्पताल में भर्ती हो चुकी हैं, जिनका खर्च लगभग ₹79,000 करोड़ से अधिक है. इससे गरीबों के लिए जेब से होने वाले खर्च में भारी बचत हुई है, जो कि ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक है. 2018 के बाद से अब तक लगभग 30 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें से 14.6 करोड़ आयुष्मान कार्ड महिलाओं के हैं. ख़ास बात ये है कि इनमें से 16 करोड़ से अधिक कार्ड केवल पिछले दो वित्तीय वर्षों में बनाए गए थे. यानी इस दर से हर मिनट लगभग 181 आयुष्मान कार्ड बनाए जाते हैं.

महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
मोदी सरकार ने महिलाओं के स्वस्थ्य पर विशेष ध्यान दिया है. इस साल पेश हुए बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण शुरू करना है. बजट में कई मातृ और चाइल्ड केयर योजनाएं भी शुरू की गई हैं, जिसका फोकस सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 में तेजी लाना है. इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी अब आयुष्मान भारत के तहत हेल्थ कवरेज दी जाएगी.

महिलाओं के लिए उज्जवला योजना की शुरुआत
देश में पहले खासकर गावों में केवल चूल्हों पर ही खाना बनता था, जिसके कारण महिलाओं के स्वास्थ पर विपरीत असर पड़ता था. चूल्हों और कोयले से जलने वाली सिगड़ियां महिलाओं को कई बीमारी दे देती थी. इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को की गई. यह योजना गरीब परिवारों को रियायती दरों पर रसोई गैस उपलब्ध कराती है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों इलाके में रहने वाले बीपीएल परिवार के लोगों को इसका फायदा मिल सके.

बढ़ाई गई मेडिकल कॉलेजों की संख्या
पिछले नौ वर्षों में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी हो गई है.देश में MBBS सीटों की संख्या 2014 में 50,000 थी जो बढ़कर अब एक लाख सात हजार हो गई है. यही नहीं पिछले 9 वर्षों में 15 नए AIIMS समर्पित किए गए, जिससे सभी नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित हुई है. इसके अतिरिक्त सरकार देश के हर जिले में एक क्रिटिकल केयर यूनिट ला रही है. 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद 262 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए.

मिशन के तहत 2.25 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं ने भी किया पंजीकरण
मोदी सरकार ने पूरे देश में 1.6 लाख से अधिक हेल्थ और वेलनेस केंद्र स्थापित किए हैं. ये सेवाएं सभी के लिए निःशुल्क, सुलभ और समुदाय के नज़दीक उपलब्ध हैं. इसके अलावा अब तक केंद्र सरकार ने 2.5 लाख से अधिक स्वास्थ्य देखभाल प्रोफेशनल के साथ 49 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते बनाए हैं. मिशन के तहत 2.25 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं ने भी पंजीकरण कराया है.

30 से अधिक देशों ने आयुर्वेद को पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली के रूप में मान्यता दी
सरकार ने पारंपरिक भारतीय चिकित्सा को मज़बूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं. खासकर भारत का आयुर्वेद जो आज दुनिया भर में विशेष मान्यता प्राप्त कर चुका है. आज 30 से अधिक देशों ने इसे पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली के रूप में मान्यता दी है. प्रधानमंत्री मोदी ने 2021 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भारत में वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया.

पीएम मोदी ने कई संस्थाओं का किया उद्घाटन
इस निर्णय से दुनिया भर के छात्रों को आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा का अध्ययन करने के लिए भारत आने के लिए प्रोत्साहित किया गया है. दिसंबर 2022 में, देश में आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी में विशेषज्ञता वाले तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयुष संस्थानों की स्थापना हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने गोवा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, गाजियाबाद में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान और दिल्ली में राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान का उद्घाटन किया.

पीएम मोदी ने बताया कि कैसे वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित किया
बीते कई वर्षों में ना तो COVID-19 जैसी महामारी आई और ना ही और उससे उत्पन्न प्रभाव जैसी चुनौतियाँ. बिल गेट्स से बात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि किस तरह लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने के लिए उन्होंने खुद आगे बढ़कर वैक्सीन लगवाई. बिल गेट्स के साथ बातचीत में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा से जुड़े 2 लाख आय़ुष्मान आरोग्य मंदिर आज गांवों में बनाएं गए हैं जहाँ तकनीक की मदद से सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठा डॉक्टर भी लोगों को सही निदान दे रहा है.लोगों का विश्वास बढ़ रहा है कि जितना अच्छा इलाज बड़े अस्पताल में होता है उतना ही छोटे आरोग्य मंदिर में हो रहा है.”

Tags: Bill Gates, PM Modi

Source : hindi.news18.com