नाना से मांगी अंजीर की एक टहनी से तैयार कर लिए 30 पौधे, अब घर की छत पर लगे फल – News18

ऋतु राज/मुजफ्फरपुर. शाही लीची के लिए देश-विदेश में मशहूर मुजफ्फरपुर में अब अंजीर की भी व्यापारिक दृष्टिकोण से खेती शुरू हो गई है. यहां के कई किसानों ने अंजीर का पौधा अपनी खेतों में लगाया हुआ है. इधर, यहां के चर्चित संगीत शिक्षक डॉ. संजय संजू ने तो अपने घर की छत पर ही अंजीर का 30 पौधा लगा रखा है. सभी पौधों में फल लगा हुआ है.

संजू के पास दो वैरायटी के अंजीर के पौधे हैं. इसमें एक पुणे रेड और दूसरा तुर्की ब्राउन है. संजय विभिन्न तरह की खेती करने के लिए भी जाने जाते हैं. इससे पहले वह ड्रैगन फ्रूट की सफल खेती भी कर चुके हैं. अब वे अंजीर की खेती को बढ़ावा देना चाहते हैं.

अंजीर के टहनी से तैयार किया कलम
संजय संजू ने लोकल 18 बिहार को बताया कि उनके नाना अंजीर की खेती करते हैं. एक बार जब वह अपने ननिहाल मानियारी गए, तो वहां से उन्होंने अंजीर का एक कलम लाकर गमले में लगा लिया. वह पौधा जब बड़ा हो गया, तो उससे 40 कलम तैयार कर छत पर गमले में लगा लिया. इसमें से 30 पौधे सुरक्षित हैं और उनमें फलन भी शुरू है.

वे बताते हैं कि कलम से पौधा तैयार करने पर एक पौधे पर 10 रुपए का खर्च आया था. संजय के पास पुणे रेड और तुर्की ब्राउन वैरायटी का अंजीर का पौधा है. अंजीर के अच्छे फल को देखकर संजय कहते हैं कि अगले साल पौधे की संख्या और बढ़ा लेंगे, ताकि कमर्शियल फार्मिंग कर सकें. फिलहाल वे इच्छुक किसानों को अंजीर की खेती के बारे में जानकारी देकर जागरूक कर रहे है.

एक पेड़ से 15 किलो तक निकलता है फल
आमतौर पर अंजीर की खेती ठंडी और शुष्क जलवायु वाले इलाके में होती है. भारत में इसकी खेती तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात के अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में होती है. अंजीर के पौधे लगभग दो साल बाद फल देने लगते हैं. इसके चार-पांच साल पुराने एक पौधे से 15 किलो तक फलन होता है. वे बताते हैं कि इसके पौधों की देखभाल की भी जरूरत नहीं पड़ती है.

एक बार पौधा लगा देने पर 20 से 25 साल तक फलन होते रहता है. इसलिए अंजीर की खेती में मुनाफा अधिक है. बहरहाल मुजफ्फरपुर के म्यूजिक टीचर संजय संजू द्वारा टेरेस गार्डेन में लगाए गए अंजीर के पौधे की काफी चर्चा हो रही है. आस-पड़ोस के लोग संजय से अंजीर के पौधे की डिमांड भी कर रहे हैं.

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Source : hindi.news18.com