30 की उम्र में पढ़ना चाहती हैं शबीना, शादी की वजह से बीच में छूट गई थी पढ़ाई – News18

कुंदन कुमार/ गया:- कहते हैं कि पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती. लेकिन बिहार के गया जिले में एक महिला 30 वर्ष की उम्र में पढ़ाई करने के लिए स्कूलों का चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनका नामांकन नहीं हो पा रहा है. महिला का नाम शबीना खातून है, जो जिला के चाकंद की रहने वाली हैं. इनकी कम उम्र में ही शादी हो गई थी और उस समय 9वीं में पढ़ाई कर रही थी. अब शबीना चार बच्चों की मां हैं, जिसमें बड़े बेटे की उम्र लगभग 15 वर्ष है और सबसे छोटे बच्चे की उम्र 4 साल है. इनके पति दिल्ली में मजदूरी का काम करते हैं.

स्कूल में नामांकन को लेकर भटक रही हैं शबीना
बचपन से ही शबीना को पढ़ने की ख्वाहिश थी, लेकिन कम उम्र में शादी होने के कारण इनकी पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई. लिहाजा एक बार फिर से शबीना में पढ़ाई का जज्बा जागा, तो नामांकन लेने के लिए जिले के कई स्कूलों का चक्कर काटा. लेकिन अधिक उम्र होने के कारण किसी भी स्कूल में इनका नामांकन नहीं हो पा रहा है. लिहाजा शबीना जिला प्रशासन से गुहार लगा रही है कि पढ़ने का मौका मिले, ताकि पढ़-लिखकर शिक्षक या नर्स बनकर अपने बच्चों का सही से देखभाल करे सकें. फिलहाल शबीना चाकंद बाजार में एक चिकित्सक के यहां काम करती हैं और घर जाकर इस उम्र में अपने बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई भी करती हैं.

पढ़कर नर्स या शिक्षक बनना चाहती हैं शबीना
शबीना अब पढ़ना चाहती हैं, लेकिन उम्र को लेकर इन्हें कहीं नामांकन नहीं मिल रहा है. शबीना लोकल18 को बताती हैं कि जिला स्कूल के अलावा हादी हाशमी स्कूल जाकर नामांकन के लिए पूछताछ की, तो उन्हें सही जानकारी ना देकर उम्र का हवाला देते हुए भगा दिया गया. स्कूलों में कहा जाता है कि अब पढ़कर क्या करोगी. उन्होंने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं, लेकिन स्कूल के शिक्षक क्यों नहीं पढ़ाना चाहते, समझ से परे है. शबीना इसलिए पढ़ना चाहती हैं कि नर्स या शिक्षक बनकर परिवार की सही से देखभाल कर सके.

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गरीबी के कारण नहीं पढ़ा पाए पिता
शबीना ने Local18 को आगे बताया कि पिताजी बहुत गरीब थे और मस्जिद में इमाम थे. गरीबी के कारण बच्चों को पढ़ा नहीं पा रहे थे और कम उम्र में हमारी शादी करा दी. शादी के बाद भी पढ़ने का जुनून कायम था, इसलिए स्कूल जाकर नामांकन के लिए पता लगा रही थीं, लेकिन कहीं भी नामांकन नहीं मिल रहा है. जिले के एक प्रतिष्ठित स्कूल के शिक्षक से जब हमने इस बारे में बात की, तो उन्होंने बताया कि अधिक उम्र के वैसे लोग जो पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए राज्य सरकार बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन सेंटर चला रही है. जहां नामांकन ले सकते हैं और गया जिले में ऐसे कई स्कूल है, जो इससे जुड़े हुए हैं.

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