आंशिक सबूत नहीं चलेंगे…केजरीवाल पर SC ने कहा, ED बोली- IO का विशेषाधिकार… – News18

नई दिल्‍ली. अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई तो प्रवर्तन निदेशालय के वकील राजू और बेंच के बीच सवाल-जवाब हुए. जज ने जांच एजेंसी के समक्ष सवालों की झड़ी लगा दी. ईडी की तरफ से भी डटकर जवाब दिए गए. अंत में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई में वक्‍त लेगा. अगली तारीख पर दोनों पक्ष चुनाव प्रचार को देखते हुए अंतरिम जमानत को लेकर तैयारी करके आइये. बता दें कि दिल्‍ली के सीएम ने जमानत याचिका नहीं लगाई है. उन्‍होंने ईडी द्वारा अरेस्‍ट किए जाने को चुनौती दी है.

जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ के सामने याचिका पर सबसे पहले अरविंद केजरीवाल की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें रखी. इसके बाद जांच एजेंसी ईडी की तरफ से राजू ने अपना पक्ष रखना शुरू किया. बेंच ने अभियोजन पक्ष को रोकते हुए पूछा कि आपके पास ऐसी क्‍या सामग्री है, जिनसे सीएम की गिरफ्तारी को अनिवार्य बना दिया. ईडी के वकील राजू ने इसपर दलील दी क‍ि हमारे पास पूरे सबूत उपलब्‍ध हैं लेकिन ट्रायल के दौरान ही हम इनका खुलासा करेंगे.

IO का विशेषाधिकार… 
बेंच ने आगे कहा इंडियन पीनल कोड (IPC) में विश्वास करने का कारण परिभाषित है. आयकर अधिनियम में हम जो उपयोग करते हैं वो उससे अलग है. ऐसे में अरेस्‍ट के संबंध में सबूत ईडी के पास उपलब्‍ध होने चाहिए. राजू ने इसपर जवाब दिया कि सबूतों का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है. बेंच ने कहा- हां, इस मामले में आप (ED) सही हो सकते हैं. अरेस्‍ट करने वाले ऑफिसर को अपने कब्जे में सभी सबूत रखने होते है. इसका मतलब है पूरे सामग्री उसे कब्जे में होनी चाहिए न कि आंशिक. राजू ने सुप्रीम कोर्ट बेंच को इसपर जवाब दिया कि यह जांच अधिकारी (IO) का विशेषाधिकार है कि आरोपी के खिलाफ उपलब्ध सबूतों पर उसे अरेस्‍ट किया जाए या नहीं.

FIRST PUBLISHED : May 3, 2024, 22:07 IST

Source : hindi.news18.com