प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ जारी हुआ ब्लू कॉर्नर नोटिस, रेड कॉर्नर से कितना अलग – News18

How different is red corner notice from blue corner?: यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे कर्नाटक के मौजूदा सांसद प्रज्वल रेवन्ना (Prajwal Revanna) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. हासन लोकसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. वह जेडीएस के संरक्षक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पौत्र हैं. प्रज्वल रेवन्ना के जर्मनी में होने का दावा किया जा रहा है. कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, “प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पहले ही ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है. इंटरपोल सभी देशों को सूचित करेगा और उनका पता लगाएगा.” 

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अश्लील वीडियो मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जांच की घोषणा करते हुए कहा था, “हासन जिले में अश्लील वीडियो क्लिप प्रसारित हुए जहां ऐसा प्रतीत होता है कि महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया गया है.” इसके बाद एक महिला की शिकायत पर रेवन्ना के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया गया. महिला ने दावा किया था कि सांसद और उनके पिता एचडी रेवन्ना द्वारा वर्षों तक उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया था. इस बीच, कथित तौर पर कहा गया है कि जैसे ही वीडियो क्लिप जिले में प्रसारित होते पाए गए 33 वर्षीय प्रज्वल रेवन्ना जर्मनी भाग गए. कथित वीडियो क्लिप हासन के 26 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान से कुछ दिन पहले सामने आए. 

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कितने तरह के होते हैं इंटरपोल के नोटिस
इंटरपोल के नोटिस सदस्य देशों को दुनिया भर में जानकारी के लिए अलर्ट और अनुरोध साझा करने में सक्षम बनाते हैं. यह मदद या अलर्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुरोध हैं जो सदस्य देशों की पुलिस को महत्वपूर्ण अपराध-संबंधी जानकारी साझा करने की इजाजत देते हैं. नोटिस सात प्रकार के होते हैं – रेड, यलो, ब्लू, ब्लैक, ग्रीन, ऑरेंज और पर्पल. आपराधिक जांच के संबंध में किसी व्यक्ति की पहचान, स्थान या गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी इकट्ठी करने के लिए ब्लू नोटिस दिया जाता है. 

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस
एसआईटी ने पहले भारत में इंटरपोल मामलों की नोडल संस्था सीबीआई को एक अनुरोध भेजा था, जिसमें प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस की मांग की गई थी. ऐसे में नोटिस से जांच एजेंसियों की पूछताछ को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. नोटिस दारी होने के बाद इंटरपोल के सदस्य देश चेक करते हैं कि दूसरे देश का आरोपी कहीं उनके यहां तो ठिकाना बनाकर तो नहीं रह रहा है. सीबीआई में इसे बी सीरीज नोटिस कहा जाता है. ये एक तरह का इंक्वायरी नोटिस है, जो किसी की पहचान, उसके क्रिमिनल रिकॉर्ड और उसकी खोजबीन से जुड़ा है.

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रेड कॉर्नर से कितना अलग ब्लू कॉर्नर
आम तौर पर ब्लू कॉर्नर नोटिस आपराधिक आरोप दायर होने से पहले या उसके ठीक बाद जारी किए जाते हैं. जबकि रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए किसी भगोड़े की गिरफ्तारी की मांग की जाती है. आमतौर पर किसी को आपराधिक सजा मिलने के बाद यह नोटिस जारी किया जाता है. ​​रेड कॉर्नर नोटिस दुनिया में कहीं भी किसी आरोपी या अपराधी के प्रत्यर्पण या उसके खिलाफ समान कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध है.

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Source : hindi.news18.com