7 एकड़ की खेती, 150 टन पैदावार, कमाई 20 लाख…'सोना' उगलती है इस किसान की जमीन – News18

अर्पित बड़कुल/दमोह. मध्यप्रदेश के दमोह जिले में इन दिनों बागवानी फसलों की बंपर पैदावार हो रही है. जिले के युवा किसान आकाश सेठ ने परम्परागत गेहूं, धान और अन्य फसलों को छोड़कर बागवानी की ओर कदम बढ़ाए. इसका सकारात्मक नतीजा उन्हें दिखा. जिला मुख्यालय से करीब 24 किलोमीटर दूर जबलपुर- दमोह मार्ग पर पेट्रोल पंप के नजदीक उनकी खेती देखकर आप भी ये अनुभव कर सकते हैं. यहां दूर-दूर तक आपको खरबूजे की फसल नजर आएगी.

आकाश की खेत से उपजे खरबूजे की फल मंडी में भारी डिमांड होती है. अभाना के युवा किसान आकाश ने Local 18 से बातचीत में कहा कि खरबूजे की खेती उनकी खुद की मेहनत का फल है. इसमें शासन से किसी भी प्रकार की योजना का लाभ नहीं मिला है. उन्होंने करीब 7 एकड़ के खेत में खरबूजा लगाया, जिसमें से अब तक 150 टन खरबूजे की तुड़वाई हो चुकी है. आकाश ने बताया कि फल मंडी में अभी तक वे करीब 20 लाख रुपए के खरबूजे बेच चुके हैं.

2-3 साल से कर रहे खेती
आकाश ने लोकल18 से बातचीत में कहा कि वे करीब 2-3 साल से खरबूजे की खेती कर रहे हैं. शुरुआत में उन्होंने दमोह के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज अहिरवार से इसके बारे में तकनीकी जानकारी हासिल की. इसके बाद खरबूजे की विजय किस्म का बीज खेतों में लगाया. फसल अब तैयार हो चुकी है. करीब 3 से 4 टन खरबूजे की प्रतिदिन तुड़ाई हो रही है. यह विजय किस्म की वैराइटी का खरबूजा जिले में सिर्फ आकाश सेठ के पास ही उपलब्ध है. आकाश ने बताया कि खरबूजे को संक्रमण रोधी फल भी कहा जाता है. इसे खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है, पोटेशियम, विटामिन सी, फॉस्‍फोरस, विटामिन ए और कैल्शियम भी मिलता है. गर्मियों में इसकी काफी डिमांड रहती हैं. इस साल भी खरबूजा 40 से 50 रुपए किलो बिक रहा है.

1 किलो से 800 ग्राम तक का खरबूजा
आकाश ने बताया कि विजय किस्म खरबूजे की इकलौती ऐसी किस्म है, जो खाने में काफी मीठा होता है. साथ ही इसका वजन भी खूब होता है. खरबूजे का अधिक वजन होने से इसकी खेती किसानों के लिए फायदेमंद होती है. आकाश के खेतों से खरबूजे की तुड़ाई करने वाली मनीष बाई ने बताया कि वो नोहटा गांव की हैं. इन फसलों की ओर किसानों के बढ़ते रुझान से गांव की कई महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिल रहा है.

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Source : hindi.news18.com