अक्षरधाम मंदिर में गुरु,आत्मा, सहज, आनंद और भगवान जैसे विषयों पर कवि सम्‍मेलन – News18

नई दिल्‍ली. अक्षरधाम मंदिर के बीएपीएस स्‍वामीनारायण शोध संस्‍थान में एक कवि सम्‍मलेन का आयोजन किया गया. “केशव काव्य कलरव 2024” नाम से आयोजित इस सम्‍मेलन में अतिथि के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, के स्कूल ऑफ़ संस्कृत और इंडिक स्टडीज के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सी उपेंद्र राव, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष, डॉ. गिरिश चंद्र पंत, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. भगीरथी नंदा एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सुनील जोशी उपस्थित रहे.

बीएपीएस संस्था के आध्यात्मिक प्रमुख और गुरु महंतस्वामी महाराज के मूल नाम साधु केशवजीवनदास जी के नाम पर यह काव्य सम्मेलन सभी आयु समूहों के लिए आयोजित किया गया था. चयन समिति ने ‘गुरु,’ ‘आत्मा,’ ‘सहज आनंद,’ और ‘भगवान’ जैसे विषयों पर हिंदी, अंग्रेजी, और संस्कृत में मौलिक स्वयं लिखित कविताओं, मुक्तकों, और ग़ज़लों को आमंत्रित किया था. 25 अप्रैल तक प्राप्त आवेदनों को निरीक्षण के लिए चुना गया, जिससे 5 मई को उनकी मूल क्रियाओं को प्रस्तुत करने के लिए 20 सफल प्रतिभागी आमंत्रित किए गए.

बीएपीएस स्वामीनारायण शोध संस्थान के सहनिदेशक डॉ. ज्ञानानंददास स्वामी ने संस्कृत में स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए.

स्वामीनारायण धुन और वचनामृत शास्त्र की महिमागान के साथ कार्यक्रम का आग़ाज़ हुआ. इसके बाद, आयोजन का मंगल उद्घाटन मुनिवत्सलदास स्वामी(स्वामिनारायण अक्षरधाम के प्रभारी), सर्वनिवासदास स्वामी और दिव्यमूर्तिदास स्वामी की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया. कार्यक्रम के पूर्व सत्र में बीएपीएस स्वामिनारायण शोध संस्थान के सहनिदेशक डॉ. ज्ञानानंददास स्वामी ने संस्कृत में एक स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया. इसके बाद प्रस्तुतकर्ताओं को आमंत्रित किया. आगे 20 प्रतिभागीजनों ने गुरु महिमा, परमेश्वर की कृपा, गुरु के महत्त्त्व, परमेश्वर के साथ प्रेम, गुरु कृपा और अन्य आध्यात्मिक विषयों पर अपनी- अपनी कविताओं को प्रस्तुत किया.

. “केशव काव्य कलरव 2024” में मौजूद बीएपीएस के संत और श्रोता.

कार्यक्रम के दूसरे सत्र का संचालन राधिका शुक्ला तथा हिमानी मेहता ने किया. इस सत्र में न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी (पूर्व लोकपाल एवं पूर्व मुख्य न्यायाधीश मणिपुर उच्च न्यायालय), अपनी रचना -‘गुरु कृपा’ विषय पर प्रस्तुत की. सुनीता अग्रवाल और नीरूपमा गढ़िया भी अतिथि विशेष के रूप में मंच पर मौजूद रहीं.

प्रतिभागियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को पुरस्कृत किया गया. पुरस्कारों में कमल श्रीमाली (सर्वोत्तम कवि), ‘कात्यायनी’ डॉ. पूर्णिमा शर्मा (सर्वोत्तम कवयित्री), डॉ युवराज भट्टराईजी (प्रथम पुरस्कार), रघुवीर सिंह मुलथान (द्वितीय पुरस्कार), अंजू तिवारी (तृतीय पुरस्कार), अक्षज श्रीवास्तव (सर्वोत्तम बाल कवि) और एंजल दियोरा (सर्वोत्तम बालिका कवयित्री) को प्रदान किया गया. स्वयंसेवकों में शिवांग सूरती और धीरज धिंगरे को भी उनके प्रबंधन के लिए सम्मान प्राप्त हुआ.

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Source : hindi.news18.com