कैसे तैयार होता है गुलाब का इत्र? एक किलो की कीमत सुन खड़े हो जाएंगे कान – News18

कन्नौज: करीब 5000 सालों से कन्नौज में इत्र का काम चल रहा है. यहां के कुछ प्रमुख इत्र हैं, जो आज भी अपनी सुगंध के लिए सबसे अलग हैं. इसमें सबसे पहला नाम आता है गुलाब की रूह इत्र और गुलाब इत्र का. गुलाब की रूह जहां 20 लाख रुपये किलो तक बिकती है, तो वहीं गुलाब इत्र लोगों की कीमत 8 से 9 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है.

गुलाब के फूल से इत्र कैसे बनता है?
तांबे के बड़े बर्तन में पानी और गुलाब के फूल डाल दिए जाते हैं. इसके बाद ऊपर से मिट्टी का लेप कर बर्तनों के नीचे आग जलाई जाती है. फिर भाप के रूप में गुलाब रूह व गुलाब इत्र एक बर्तन में एकत्रित हो जाते हैं. जिस बर्तन में भाप बनकर इत्र जाता है, उसे पानी में डाल दिया जाता है. मानक के अनुसार आंच पर इसकी रूह और इत्र तैयार किया जाता है. एक समय आने पर इसको निकाल लिया जाता है.

गुलाब के इत्र के हैं कई फायदे
गुलाब का इत्र प्राकृतिक होता है. इसलिए स्वास्थ्य के लिए इससे कई फायदे हैं. इसके प्रयोग से सिरदर्द दूर होता है. वहीं, इसकी खुशबू दिमाग को तरोताजा बनाती है. इसके अलावा वैज्ञानिकों ने इसके शोध में पाया है कि गुलाब का इत्र लगाने से नींद अच्छी आती है. इससे दिमाग को रिलेक्स मिलता है. गर्मी के मौसम में पसीने के कारण होने वाली दुर्गंध को यह दूर करता है.

कौन से फूल से गुलाब रूह और गुलाब इत्र होता है तैयार?
गुलाब की रूह और गुलाब इत्र एक विशेष प्रकार के गुलाब से बनती है. इस गुलाब को दमस गुलाब कहा जाता है. यह गुलाब हसायन क्षेत्र में सबसे ज्यादा मिलता है. वहीं, कन्नौज की जलवायु में जो गुलाब पैदा होता है उसको चीनी गुलाब कहते हैं. यह गुलाब गुलाब जल बनाने में सबसे ज्यादा काम आता है. सबसे शुद्ध गुलाब जल कन्नौज में ही तैयार होता है.

क्या होती कीमत?
गुलाब के रूह और गुलाब इत्र की कीमत की बात की जाए तो गुलाब की रूह 18 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये किलो तक पहुंचती है, तो वहीं गुलाब इत्र 10 लाख रुपये कीमत तक पहुंच जाता है.

क्या बोले व्यापारी?
इतर व्यापारी विवेक नारायण मिश्रा बताते हैं कि कन्नौज में होने वाले चीनी गुलाब से सबसे अच्छा गुलाब जल बनाया जाता है. वहीं कन्नौज के ही गुलाब से गुलकंद भी तैयार किया जाता है. लेकिन गुलाब के रूह एक विशेष प्रकार की गुलाब से तैयार होती है, जिसको हम लोग दमस गुलाब कहते हैं. रूह की कीमत लाखों रुपये में जाती है. गुलाब की रूह इत्र और गुलाब इत्र खुशबू में थोड़ा ही फर्क होता है. गुलाब रूह की खुशबू लंबे समय चलती है, तो वही गुलाब इत्र की खुशबू 24 घंटे तक बनी रहती है. आज भी इस इत्र का कोई जोड़ नहीं है. इस इत्र को यहां के राजा महाराजा भी ज्यादा पसंद किया करते थे.

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