वृंदावन से आए मोगरा, गुलाब और सनफ्लावर से सजा भगवान का फूल बंगला – News18

सागर. सागर के मिनी वृंदावन कहे जाने वाले बड़ा बाजार इलाके में तीज त्योहार पर अलग ही माहौल देखने को मिलता है. यहां पर पतली पतली गलियों में भगवान के मंदिर हैं. आप किसी भी रास्ते से किसी भी गली में जाएं वहां आपको कोई ना कोई मंदिर जरूर मिलेगा और उसमें पूजन अर्चन करते भगवान के दर्शन करते श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में नजर आते हैं.

अपरा एकादशी पर भी ऐसा ही हुआ जहां श्री बांके राघव मंदिर में फूल बंगला सजाया गया, ठाकुर जी गर्भ ग्रह से बाहर आए और भक्तों को दर्शन दिए. फूल बंगला में विराजमान श्री बांके राघव रात 11:30 बजे तक अपने भक्तों पर मनुहार लौटाते रहे. इस दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भजन मंडली के द्वारा देर रात तक भगवान को संगीत सुनाया गया.

मोगरा के फूल से भगवान का श्रृंगार
मंदिर के पुजारी नितई दास ने बताया कि जेठ माह में गर्मी अधिक होती है, ऐसे में भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर में गर्मियों के मौसम में एकादशी पर पूर्णिमा पर अलग-अलग तरह के कार्यक्रम होते हैं. कभी भगवान को नौका विहार कराया जाता है. कभी उन्हें निकुंज में बैठाया जाता है. तो कभी फव्वारे चलाए जाते हैं. इस बार फूल बंगला सजाया गया है. फूल बंगला सजाने के लिए वृंदावन से मोगरा के फूल मंगवा इंदौर से गुलाब और सनफ्लावर मंगवाया, इन फूलों से ही भगवान का श्रृंगार किया गया था. इसके बाद यह फूल बंगला तैयार किया गया है. एकादशी पर भगवान को बेल के शरबत का भोग लगाया गया. फिर इसी शरबत को भक्तों में वितरित किया गया है. बेल का शरबत ठंडा होता है, जो गर्मियों में ठंडक प्रदान करता है.

रेवती नक्षत्र में मनाई अपरा एकादशी
दरअसल, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी रेवती नक्षत्र एवं सर्वार्थ सिद्धि योग में रविवार को मनाई गई. शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान का एकादशी पर विशेष पूजन अनुष्ठान किया गया. संध्या आरती के बाद भजन कीर्तन किया. इसके अलावा लक्ष्मी नारायण मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, पहलवान बब्बा मंदिर, काकागंज राम दरबार, श्रीदेव धनेश्वर मंदिर, पशुपतिनाथ सहित अन्य मंदिरों में भजन कीर्तन के दीपदान कर एकादशी की कथा हुई.

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Source : hindi.news18.com