LIVE: अवलर में दो यादवों में है मुकाबला, तीसरे 'यादव' के कदम से रोचक हुआ चुनाव – News18

अलवर. सरिस्का टाइगर रिजर्व के कारण देशभर में अपनी अलग पहचान रखने वाला अलवर दिल्ली और हरियाणा की सीमा से सटा है. अलवर का काफी हिस्सा मेवात इलाके में भी आता है. गोकसी, गोतस्करी, मॉब लिचिंग और वीभत्स क्राइम के कारण अलवर देशभर में पूर्व में काफी चर्चा में रह चुका है. बीजेपी ने इस बार यहां अपने कद्दावर नेता और रणनीतिकार भूपेन्द्र यादव को कमान सौंपी है. कांग्रेस ने इस बार प्रत्याशी बदलकर युवा ललित यादव को उनका मुकाबला करने के लिए आगे किया है.

अलवर में नाथ संप्रदाय का भी खासा असर है. यहां से पूर्व में नाथ संप्रदाय के महंत चांदनाथ सांसद रह चुके हैं. महंत चांदनाथ के निधन के बाद बीजेपी ने यहां से उनके शिष्य बाबा बालकनाथ को उनकी जगह संसद पहुंचाया. बाद में बीजेपी ने बालकनाथ को पिछले विधानसभा चुनाव में सूबे की बहुचर्चित मेवात इलाके की तिजारा विधानसभा सीट से उतारा. तिजारा का विधानसभा चुनाव देशभर में चर्चा का विषय रहा था. बाबा बालकनाथ ने वहां बड़े संघर्ष से उस सीट को निकाल लिया. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर उनके भी यहां राजस्थान के सीएम बनने की काफी चर्चाएं चली थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव ने बदले समीकरण
उसके बाद बीजेपी ने यादव बाहुल्य वाली इस सीट से अपने राज्यसभा सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव को चुनाव में उतारकर बड़ी हलचल मचा दी. इसी दौरान कांग्रेस की ओर से ललित यादव को टिकट दी गई तो उसके कुनबे में घमासान मच गया. अलवर कांग्रेस की राजनीति के दो बड़े चेहरे अलवर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व सांसद तथा केन्द्र में मंत्री रहे भंवर जितेन्द्र सिंह और पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव तल्खियां बढ़ने लगी. आखिरकार चुनाव से पहले डॉ. करण सिंह यादव ने कांग्रेस को टाटा कर बीजेपी का दामन थाम लिया. इससे यहां के सियासी समीकरण बदल गए.

लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को मिले थे 59.93 फीसदी वोट
अलवर का पिछला चुनाव भी काफी रोचक रहा था. लोकसभा चुनाव 2019 में यहां बीजेपी बाबा बालकनाथ ने कांग्रेस के दिग्गज नेता भंवर जितेन्द्र सिंह को हराया था. बालकनाथ ने उनको 329971 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी. बालकनाथ को इस चुनाव में 760201 वोट मिले थे. बाबा बालक नाथ ने इस चुनाव में कुल पड़े मतों मे से 59.93 फीसदी वोट हासिल किए थे. इससे पहले उनके गुरु महंत चांदनाथ ने साल 2014 के चुनाव में 642278 वोट प्राप्त किए थे. इस बार मुकाबला एक ही समाज के दो नेताओं के बीच है. जाहिर जाति का वोट विभाजन तय है. लेकिन पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव के कदम से कांग्रेस खेमा थोड़ा चिंतित है.

FIRST PUBLISHED : June 4, 2024, 07:21 IST

Source : hindi.news18.com